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Friday, 16 January, 2026
होमदेशपीएम फसल बीमा योजना के तहत कॉफी को शामिल करें : प्रियंका गांधी ने पीयूष गोयल से कहा

पीएम फसल बीमा योजना के तहत कॉफी को शामिल करें : प्रियंका गांधी ने पीयूष गोयल से कहा

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वायनाड (केरल), 16 जनवरी (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कॉफी की खेती को शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण फसल के नुकसान के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल को लिखे एक पत्र में प्रियंका ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र वायनाड के किसानों ने अपनी कॉफी की गुणवत्ता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हासिल की है, लेकिन उनके भूखंडों के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया में आई खबरों से पता चला है कि कॉफी बोर्ड ने वाणिज्य मंत्रालय को कॉफी को फसल बीमा योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, “कॉफी उत्पादकों को पुनः रोपण के लिए दी जाने वाली वर्तमान सब्सिडी इस शर्त पर आधारित है कि वे पुराने पौधों को पूरी तरह से उखाड़ दें। पुनः रोपण का यह पहले का तरीका था, लेकिन कॉफी उत्पादकों ने ‘ग्राफ्टिंग’ जैसी अन्य विधियों को अपना लिया है, जिनमें पुनः रोपण के लिए पौधों को पूरी तरह से उखाड़ने की आवश्यकता नहीं होती है।” उन्होंने केंद्र से सब्सिडी की शर्तों में संशोधन करने का भी अनुरोध किया।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री का ध्यान वायनाड के आदिवासी कॉफी उत्पादकों की दुर्दशा की ओर भी आकर्षित किया और कहा कि हालांकि सरकारी योजना उन्हें सिंचाई के लिए अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करती है, लेकिन मौजूदा सीमा “सिंचाई बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश करने की उनकी क्षमता को कमजोर करती है”।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, “मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि वह सब्सिडी की सीमा बढ़ाने पर विचार करे ताकि आदिवासी किसानों के लिए इसका लाभ उठाना संभव हो सके।”

प्रियंका ने गोयल से उनके प्रस्तावों पर गौर करने और तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया।

उन्होंने गोयल को लिखे अपने पत्र में कहा, “मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहूंगी कि कॉफी उत्पादकों को उत्पादकता बढ़ाने में मदद के लिए मौजूदा योजनाओं में निर्धारित शर्तों में संशोधन करने पर विचार करें। भारत में जीवंत कॉफी क्षेत्र को मजबूत करने के आपके प्रयास कॉफी उत्पादकों के लिए सहायक रहे हैं।”

उन्होंने लिखा, “यह कदम उन्हें आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा। मैं कॉफी उत्पादक समुदाय को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सहायता देने वाली पहल के लिए कोई भी जानकारी प्रदान करने और अपना समर्थन देने में प्रसन्नता महसूस करूंगी।”

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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