नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को तेलंगाना सरकार को पत्र लिखकर हैदराबाद विश्वविद्यालय के नजदीक जैव विविधता से समृद्ध कांचा गचीबोवली क्षेत्र में राज्य द्वारा ‘‘400 एकड़ वन भूमि पर वनस्पति की अवैध कटाई’’ पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
केंद्रीय मंत्रालय ने तेलंगाना के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) को वन एवं वन्यजीव कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
तेलंगाना सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे और आईटी पार्क के निर्माण के लिए कांचा गाचीबोवली में पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 400 एकड़ भूमि की नीलामी करने की योजना बनाई है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पत्र में कहा, ‘‘मंत्रालय को तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम (टीजीआईआईसी) द्वारा तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कांचा गाचीबोवली गांव में पेड़-पौधों को अवैध रूप से काटने और हटाने की जानकारी मिली है।’’
पत्र में कहा गया, ‘‘इस संबंध में प्रिंट और सोशल मीडिया में भी कई खबरें आई हैं, जिनमें उक्त भूमि पर पाए जाने वाले वन्यजीवों, इसकी झीलों और क्षेत्र की अद्वितीय चट्टान संरचनाओं को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है।’’
इसमें कहा गया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को भी इस मामले पर सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों से ज्ञापन प्राप्त हुए हैं।
पत्र में कहा गया, ‘‘उपर्युक्त के मद्देनजर, राज्य सरकार से अनुरोध है कि वह इस मुद्दे पर तत्काल तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराए। भारतीय वन अधिनियम (या स्थानीय वन अधिनियम), वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई करें और सुनिश्चित करें कि किसी अन्य कानून या अदालत और न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन न हो।’’
इस बीच, बुधवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों ने हरित क्षेत्र को हटाने के खिलाफ एक रैली निकाली, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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