धर्मशाला/शिमला (हिमाचल प्रदेश), दो दिसंबर (भाषा) राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को घोषणा की कि व्यापार को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 को सरल बनाया जाएगा। नेगी ने इस बदलाव के लिए सदन में एक संशोधन विधेयक पेश किया।
धारा 118 वर्तमान में गैर-कृषकों और गैर-हिमाचलियों को सरकारी अनुमति के बिना राज्य में कृषि भूमि खरीदने या हस्तांतरित करने से रोकती है।
विधेयक पारित होने के बाद, शत प्रतिशत किसान सदस्यता वाली सहकारी समितियों को भूमि अधिनियम की धारा 118 के तहत अनुमोदन की आवश्यकता नहीं रहेगी। विधेयक के अनुसार, इस छूट से राज्य में रोजगार सृजन और नए उद्यमों की स्थापना में तेजी आएगी।
भूमि अधिनियम की धारा 118 के तहत किसान सदस्यों वाली सहकारी समितियों को छूट प्रदान करने से सहकारी समितियों से जुड़े 20 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा।
संशोधन के मसौदे में कहा गया है कि इससे राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्णतः निर्मित भवनों को अल्प अवधि के लिए पट्टे पर देने की अनुमति होगी, तथा इन क्षेत्रों में 10 वर्ष तक के पट्टे की भी अनुमति होगी।
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राजकुमार संतोष
संतोष
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