आगरा: गोल्डन रंग की नेल पेंट ने आगरा पुलिस को एक महिला के कटे हुए शव की पहचान करने और उसके हत्यारे को गिरफ्तार करने में मदद की. आरोपी वही व्यक्ति था, जो बेखौफ होकर महिला के परिवार के साथ उसकी तलाश में भी शामिल हुआ था.
24 जनवरी को जब यमुना पुल पर पीले रंग के एक बैग में काले पॉलीथीन में लिपटा और लाल टेप से सील किया गया शव मिला, तब आगरा पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं. पहली, महिला की पहचान करना और दूसरी, उसका सिर बरामद करना.
पुलिस के अनुसार, सुराग एक असामान्य संकेत से मिला. जब शरीर पर कपड़े नहीं थे और चेहरे की पहचान संभव नहीं थी, तब जांचकर्ताओं ने शरीर पर मौजूद किसी भी खास पहचान चिह्न पर ध्यान दिया. इस मामले में यह पहचान हाथों में लगी सुनहरे रंग की नेल पेंट थी.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिटी) सैयद अली अब्बास ने द प्रिंट को बताया कि आगरा के सभी 44 थानों को लापता युवतियों की जानकारी भेजने को कहा गया.
उन्होंने कहा, “हमें पता चला कि पांच महिलाएं लापता बताई गई थीं. इन महिलाओं के माता-पिता को थाने बुलाया गया और उनसे उनकी बेटियों की सभी नेल पेंट लेकर आने को कहा गया. जांच करने पर केवल मिंकी शर्मा के पास वही नेल पेंट का सटीक रंग मिला.”
मिंकी शर्मा दिविशा टेक्नोलॉजीज में एचआर मैनेजर के तौर पर काम करती थीं और 23 जनवरी को आगरा में उनके परिवार ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
पहचान होने के बाद पुलिस ने मिंकी के कॉल डाटा रिकॉर्ड की जांच की. इसमें पता चला कि उनकी कंपनी में ही काम करने वाले अकाउंटेंट विनय राजपूत से उनकी लगातार बातचीत होती थी. पुलिस ने संजय प्लेस से लेकर यमुना पुल तक लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसमें विनय राजपूत को मिंकी के शव वाला बैग स्कूटी पर ले जाते हुए देखा गया.
डीसीपी ने कहा, “यह विनय को हिरासत में लेने के लिए काफी था.”
मिंकी के परिवार ने बताया कि विनय उनकी तलाश में उनके साथ भी शामिल हुआ था और थाने जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी साथ गया था.
मिंकी के भाई दीपक शर्मा ने दिप्रिंट को बताया कि परिवार को शुरू से ही विनय पर शक था.
उन्होंने कहा, “जब वह हमारे साथ मिंकी की तलाश में शामिल हुआ, तब भी हमें उस पर शक था. हमने यह शक पुलिस के साथ साझा किया, जिससे जांच सही दिशा में गई और उसकी गिरफ्तारी हुई.”
मकसद
पूछताछ के दौरान विनय ने पुलिस को बताया कि वह तीन साल से मिंकी के साथ रिश्ते में था और दोनों शादी की योजना बना रहे थे. शुरुआत में मिंकी के माता-पिता भी इस रिश्ते के लिए राजी थे. लेकिन पिछले छह महीनों से विनय को शक होने लगा था कि मिंकी का किसी और के साथ संबंध है, क्योंकि वह शादी की बात टालने लगी थी और देर रात तक उसका फोन व्यस्त रहता था.
डीसीपी ने बताया, “विनय ने कहा कि वह मिंकी पर पैसे खर्च कर रहा था, जबकि वह किसी और से बात कर रही थी. इससे वह गुस्से में आ गया और उसने उसकी हत्या की योजना बना ली.”
पुलिस के मुताबिक, विनय ने 17 जनवरी को ऑफिस बिल्डिंग के सभी सीसीटीवी कैमरों की तारें काट दी थीं और नारियल काटने वाला एक तेज चाकू खरीदा था. 23 जनवरी को जब मिंकी अपने भाई की शादी के कार्ड बांटने के लिए संजय प्लेस आई थीं, तब वह शाम 4 बजे विनय से मिलने उसके ऑफिस गईं. मिंकी ने उससे कहा कि शादी के कारण वह 15 दिन तक ऑफिस नहीं आएंगी.
शाम करीब 8 बजे, जब बिल्डिंग के सभी ऑफिस बंद हो गए, विनय ने अंदर से ऑफिस का दरवाजा बंद कर लिया. डीसीपी के अनुसार, “इसी दौरान मिंकी ने उससे 1.5 लाख रुपये खर्च के लिए मांगे. इस पर दोनों में बहस हुई और विनय ने उस पर कई बार चाकू से वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.”
शव पर चाकू के नौ गहरे घाव पाए गए. हत्या के बाद विनय ने करीब दो घंटे तक ऑफिस के फर्श और दीवारों से खून साफ किया. इसके बाद उसने शव का सिर अलग किया और पैर भी काट दिए. धड़ को एक बैग में और सिर को दूसरे बैग में रखा. रात करीब 1 बजे वह शव को घसीटते हुए लिफ्ट तक ले गया.
इसके बाद वह मिंकी की स्कूटी से शव को यमुना पुल तक ले गया और नदी में फेंकने की कोशिश की. लेकिन रेलिंग ऊंची होने और शव भारी होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाया.
आखिरकार उसने शव को पुल पर ही छोड़ दिया और कटे हुए सिर को झरना जंगल के भीतर एक गहरे नाले में फेंक दिया. स्कूटी भी वहीं छोड़ दी गई.
क्राइम सीन की जांच से पता चला कि हत्या एक ही व्यक्ति ने की थी. पुल पर मिले घसीटने के निशान बताते हैं कि एक अकेला व्यक्ति शव को रेलिंग के पार उठाने की कोशिश कर रहा था.
गिरफ्तारी के बाद विनय ने पुलिस को मिंकी के कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करवाया. फॉरेंसिक टीम ने इंफ्रारेड लैंप की मदद से ऑफिस के फर्श और दीवारों पर खून के निशान पाए. पुलिस के अनुसार, कटे हुए सिर की बरामदगी अभी बाकी है.
डीसीपी ने कहा, “विनय के खिलाफ डिजिटल, फॉरेंसिक और भौतिक सबूतों की भरमार है और उसे जेल भेज दिया गया है.”
आरोपी के परिवार ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि वे कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. विनय को 27 जनवरी को जेल भेजा गया था और अब तक उसके परिवार ने कोई वकील नहीं किया है.
गुरुवार को मिंकी के पिता अशोक शर्मा ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “हमें शक है कि इस हत्या में और लोग भी शामिल हैं और पुलिस प्रेम प्रसंग की कहानी बनाकर हत्या के असली मकसद से ध्यान हटा रही है.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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