गया जी, 28 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में एक सीट दी जानी चाहिए।
मांझी ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल हम को भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था।
निर्वाचन आयोग ने हाल ही में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की है, जिनमें से तीन सीटें सत्तारूढ़ राजग के पास हैं।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच मार्च है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच अगले दिन होगी। उम्मीदवार नौ मार्च तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
बिहार की कुल 16 राज्यसभा सीट में से पांच सीट अप्रैल में रिक्त होंगी जिनके लिए चुनाव कराए जाएंगे। ये पांच सीटें हैं: जनता दल (यूनाइटेड) के हरिवंश नारायण सिंह और राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, और राजग के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा।
कुशवाहा पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जो भाजपा की मदद से 2025 में राज्यसभा में पहुंचे थे। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद के पास केवल 25 विधायक हैं, जो राज्यसभा में अपनी सीट बरकरार रखने के लिए अपर्याप्त हैं।
वर्ष 2015 में अपनी पार्टी बनाने वाले मांझी ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘2024 के आम चुनाव से पहले, भाजपा के शीर्ष नेताओं ने हमें लोकसभा में दो और राज्यसभा में एक सीट देने का वादा किया था। लेकिन हमें केवल एक लोकसभा सीट मिली, और हमने उसे राजग के लिए जीता।’
उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा सीट को लेकर किया गया वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। मैं इसके लिए मांग नहीं करुंगा, लेकिन हमारी पार्टी को कम से कम एक राज्यसभा सीट तो दी जानी चाहिए।’
राजग ने अभी तक संसद के ऊपरी सदन के चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है।
इस बीच, सूत्रों के अनुसार, विपक्षी महागठबंधन राज्यसभा की पांच सीटों में से एक सीट जीतने के लिए एआईएमआईएम और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के समर्थन पर भरोसा कर रहा है, जिनके साथ उसने पहले कभी गठबंधन नहीं किया है।
राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन जिसमें कांग्रेस, भाकपा (एमएल) और माकपा के अलावा नवगठित आईआईपी भी शामिल है, के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 35 सदस्य हैं, जोकि राज्यसभा सीट के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से छह कम है।
भाषा तान्या पवनेश
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