scorecardresearch
Friday, 6 February, 2026
होमदेशहिमंत ने अहोम-युग की कब्रगाह 'मोईदाम' में यूनेस्को की मान्यता पट्टिका का अनावरण किया

हिमंत ने अहोम-युग की कब्रगाह ‘मोईदाम’ में यूनेस्को की मान्यता पट्टिका का अनावरण किया

Text Size:

सोनारी, पांच फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने चराईदेव जिले में स्थित अहोम-युग की टीला-दफन प्रणाली ‘मोईदाम’ को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता देने की पट्टिका का बृहस्पतिवार को अनावरण किया।

अहोम राजवंश इस प्रणाली को जुलाई 2024 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। ‘मोईदाम’ 13वीं-19वीं शताब्दी के अहोम राजाओं और रानियों का शाही दफन स्थल (कब्रगाह) है।

यूनेस्को की मान्यता पट्टिका का अनावरण करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘यह सम्मान असम के इतिहास के सुनहरे पलों में से एक रहेगा और आने वाली पीढ़ियां इसे संजोकर रखेंगी।’’

उन्होंने विरासत को संरक्षित करने के लिए अकादमिक अनुसंधान को बढ़ावा देने, नियमित रखरखाव, सामुदायिक भागीदारी और बफर जोन बनाने सहित कई महत्वपूर्ण उपायों का भी प्रस्ताव रखा।

‘मोईदाम’ को ‘असम के पिरामिड’ कहा जाता है, जो अर्धगोलाकार टीलेनुमा संरचनाएं हैं। यह स्थान, जहां लगभग 90 शाही मोईदाम संरक्षित हैं, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल भारत का 43वां स्थल है।

भाषा रवि कांत रवि कांत जोहेब

जोहेब

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments