रांची/हजारीबाग, 30 मार्च (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में 12 वर्षीय लड़की के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले का सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया।
एक वकील ने बताया कि अदालत ने इस संबंध में राज्य प्रशासन और पुलिस महानिदेशक को भी नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मीडिया में आई खबरों के आधार पर इस घटना का संज्ञान लिया।
लड़की 24 मार्च की रात को अपनी मां के साथ राम नवमी अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में निकाली जाने वाली ‘मंगला’ शोभायात्रा देखने के लिए बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अपने पैतृक गांव कुसुम्बा गई थी।
उसके परिजनों ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उसका अपहरण किया गया था और उसका शव 25 मार्च को गांव के एक खेत में मिला था।
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रविवार को कहा था कि मामले की त्वरित जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।
एसआईटी को एक सप्ताह के भीतर अबतक की गई कार्रवाई के विवरण सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
इस बीच, विपक्षी भाजपा ने इस घटना के विरोध में हजारीबाग में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर दो बजे तक जिले में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
झारखंड भाजपा की महिला शाखा के सदस्यों ने भी रांची में लड़की के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
इस शाखा की महासचिव सीमा सिंह ने आरोप लगाया, ‘राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है।’
भाषा शुभम रंजन
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