बेंगलुरू, 23 जुलाई (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के धर्मांतरण-विरोधी अध्यादेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया है।
दिल्ली स्थित ‘इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया’ और ‘ऑल कर्नाटक यूनाइटेड क्रिश्चियन फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की।
अदालत ने शुक्रवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
‘कर्नाटक में धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार संरक्षण कानून’ को एक अध्यादेश के माध्यम से पारित किया गया था। याचिका में कहा गया है कि यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के विरुद्ध है, जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
याचिका में दलील दी गई कि 17 मई, 2022 को एक अध्यादेश के माध्यम से लाये गए कानून के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
भाषा सुरेश माधव
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