प्रयागराज, 28 जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ बुधवार को उच्च न्यायालय के निकट आंबेडकर चौराहे पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की, यूजीसी के नए नियमों की प्रतियां जलाईं और इस नियम को ‘विभाजनकारी’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
एक बैठक में वक्ताओं ने नए नियमों की भारी आलोचना करते हुए इसे विभाजनकारी बताया और कहा कि यह समाज को बांटने वाला है और विभिन्न जातियों के बीच वैमनस्यता पैदा करेगा।
उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव आशुतोष तिवारी ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए इसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनविरोध को नजरअंदाज करना इस सरकार के लिए नुकसानदायक साबित होगा क्योंकि हर जगह जनता में इसको लेकर भारी असंतोष है।
सभी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस विधेयक को 48 घंटे के भीतर वापस नहीं लिया जाता है तो अधिवक्ता इसके खिलाफ जन आंदोलन चलाएंगे और पूरा सरकारी तंत्र इसके लिए जिम्मेदार होगा।
भाषा सं राजेंद्र शोभना
शोभना
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