चंडीगढ़, एक अप्रैल (भाषा) हरियाणा पुलिस द्वारा बंदूक संस्कृति को कथित तौर पर बढ़ावा देने वाले और हिंसा का ‘महिमामंडन’ करने वाले गानों के खिलाफ कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह बात कही।
कुछ गायकों ने कहा है कि सिर्फ कुछ नहीं, बल्कि ऐसे सभी गीतों को सोशल मीडिया से हटाया जाना चाहिए।
हरियाणा पुलिस ने हाल के दिनों में गानों में बंदूक संस्कृति और हिंसा को बढ़ावा देने पर अंकुश लगाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
इस पहल का लक्ष्य ऐसे गायक, सोशल मीडिया और अन्य ऐसे मंच हैं जो बंदूक संस्कृति का ‘महिमामंडन’ करते हैं या नफरत भड़काते हैं।
अधिकारी ने कहा कि साइबर अपराध इकाई की टीमें सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं और जहां आवश्यक हो, उचित कार्रवाई करती हैं।
अधिकारी ने कहा कि ऐसे गाने या संगीत वीडियो को काफी देखा जाता है और ये युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं।
पिछले महीने विभिन्न सोशल मीडिया मंच से 10 से अधिक गीत हटाए गए, जिनमें से सात गीत लोकप्रिय हरियाणवी गायक मासूम शर्मा द्वारा गाए गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा एकमात्र कहना यह है कि इसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। दस गानों पर प्रतिबंध लगाया गया है, इनमें से सात मेरे हैं… हाल ही में जब मैं गुरुग्राम में एक कार्यक्रम कर रहा था, तो हरियाणा पुलिस ने मुझसे लिखित आश्वासन लिया कि मैं प्रतिबंधित कोई भी गाना नहीं गाऊंगा।’’
शर्मा (33) ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘अगर सरकार सभी गाने हटा देती है तो मैं उसके साथ हूं, लेकिन इसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। अन्य कलाकारों के बहुत सारे गाने हैं, जिन्हें सोशल मीडिया से नहीं हटाया गया है। अगर सरकार ने मुझसे शुरुआत की है तो यह अच्छी बात है, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।’’
कई खाप पंचायतों ने भी ऐसे गानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।
भाषा
संतोष पवनेश
पवनेश
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