चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी का पद 30 सितंबर को अरुण कुमार गुप्ता के रिटायर होने के बाद से खाली है. अगले दो महीने में चीफ सेक्रेटरी का पद भी खाली हो जाएगा, क्योंकि अनुराग रस्तोगी दो एक्सटेंशन के बाद 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं.
राज्य की नौकरशाही के ऊपरी स्तर पर अफसरों की संख्या कम होती जा रही है. ऐसे में हरियाणा ने अब केंद्र को चिट्ठी लिखकर केंद्र में डेपुटेशन पर काम कर रहे अपने चार IAS अफसरों को वापस भेजने की मांग की है. राज्य ने इसकी वजह अफसरों की कमी बताई है.
हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अफसर ने दिप्रिंट को बताया कि हरियाणा ने अपने चार IAS अफसरों को वापस भेजने की मांग की है. इनमें वी. उमाशंकर (1993 बैच), राकेश गुप्ता (1997), नितिन कुमार यादव (2000) और विकास गुप्ता (2001) शामिल हैं.
अभी यह पता नहीं है कि केंद्र इन चारों अफसरों को वापस भेजेगा या नहीं.
उमाशंकर फिलहाल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सेक्रेटरी हैं. नौकरशाही के हलकों में उन्हें भविष्य के चीफ सेक्रेटरी के तौर पर देखा जा रहा है. वह 30 जून 2028 को रिटायर होंगे. अगर सरकार उन्हें रस्तोगी का उत्तराधिकारी बनाने का फैसला करती है, तो उनके पास करीब डेढ़ साल की सर्विस बची होगी.
हरियाणा की BJP सरकार के करीबी माने जाने वाले उमाशंकर अक्टूबर 2018 से अक्टूबर 2020 तक मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे. इसके बाद अक्टूबर 2020 से अक्टूबर 2024 तक प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे. इसके बाद वह केंद्र चले गए. उनकी पत्नी और उनकी ही बैच की अफसर दीप्ति उमाशंकर भारत के राष्ट्रपति की सेक्रेटरी हैं.
राकेश गुप्ता राष्ट्रपति सचिवालय में एडिशनल सेक्रेटरी हैं. वह अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2018 तक मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे. उन्हें BJP सरकार के कई महत्वपूर्ण और नए कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालने का श्रेय दिया जाता है. इनमें चीफ मिनिस्टर गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स (CMGGAs) शामिल है, जिसमें वह प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे. वह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नोडल अफसर भी रहे.
नितिन कुमार यादव जून 2024 से डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स में एडिशनल सेक्रेटरी हैं. हरियाणा में वह होम सेक्रेटरी रह चुके हैं. इससे पहले वह चंडीगढ़ प्रशासन में भी होम सेक्रेटरी रहे.
विकास गुप्ता केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर हैं. राज्य में BJP सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान वह परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी के CEO थे.
आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य की चिंता क्यों बढ़ रही है. हरियाणा में 226 IAS अफसरों की मंजूर संख्या के मुकाबले सिर्फ 179 IAS अफसर हैं. यानी 47 अफसरों की कमी है. राज्य की ग्रेडेशन लिस्ट में टॉप 20 अफसरों में से 10 अफसर केंद्र में डेपुटेशन पर हैं.
बाकी अफसरों में से पंकज अग्रवाल 645 करोड़ रुपये के IDFC First Bank फ्रॉड केस में कथित भूमिका के आरोप में जेल में हैं. एक और अफसर विनीत गर्ग का नाम इसी केस में CBI की चार्जशीट में है और वह ACS, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी के पद पर तैनात हैं. मोहम्मद शायिन, साकेत कुमार और राम कुमार सिंह भी बैंक फ्रॉड केस में आरोपी बनाए गए अन्य तीन अफसर हैं. वहीं CBI की चार्जशीट में नामित छठे अफसर प्रदीप कुमार पहले ही रिटायर हो चुके हैं.
आने वाले तीन महीनों में होने वाली रिटायरमेंट से स्थिति और खराब हो जाएगी. फरीदाबाद डिवीजन के कमिश्नर संजय जूण 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे. एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुधीर राजपाल और अभिलक्ष लिखी, जो दोनों केंद्र में डेपुटेशन पर हैं, और हिसार डिवीजन की कमिश्नर गीता भारती, सभी 30 नवंबर को रिटायर होंगे. इसके बाद 31 दिसंबर को रस्तोगी और 31 जनवरी 2027 को ACS सुमिता मिश्रा रिटायर होंगी.
राज्य के पास पहले से ही कम अफसर हैं और उन पर काम का ज्यादा बोझ डाला जा रहा है. पिछले दो हफ्तों में राज्य ने राजपाल को सर्विस के आखिरी दो महीनों में अफसरों की शक्तियों पर लागू होने वाली पाबंदियों से छूट दी. इसके लिए “प्रशासनिक जरूरतों” का हवाला दिया गया. राजपाल के पास होम, जेल, पर्यावरण और वित्त एवं योजना विभाग हैं.
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