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Tuesday, 24 February, 2026
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गुजरात उच्च न्यायालय ने 1976 के यातना मामले में पूर्व डीजीपी की दोषसिद्धि और सजा को रद्द किया

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अहमदाबाद, 24 फरवरी (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस एस खंडवावाला को 1976 के हिरासत में यातना मामले में दोषसिद्धि और पांच साल के कठोर कारावास के फैसले को रद्द करते हुए सत्र अदालत के फैसले को ‘त्रुटिपूर्ण’’ बताया।

न्यायमूर्ति गीता गोपी ने खंडवावाला को सितंबर 2003 में जूनागढ़ की एक सत्र अदालत द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 365 के तहत हिरासत में यातना के मामले में दोषी ठहराए जाने और पांच साल के कठोर कारावास की सजा के फैसले को रद्द कर दिया।

अदालत ने 2003 में सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका को भी खारिज कर दिया।

वर्ष 2003 में, जूनागढ़ की एक सत्र अदालत ने तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक खंडवावाला को शस्त्र अधिनियम के तहत 1976 के मामले में मेराग हाजा को हिरासत में यातना देने के आरोप में पांच साल की जेल की सजा सुनाई थी।

उच्च न्यायालय में दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ अपील करने के बाद निचली अदालत ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया था।

उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्र अदालत का आदेश ‘त्रुटिपूर्ण’’ था क्योंकि अभियोजन पक्ष शिकायतकर्ता मेराग हाजा पर पुलिस हिरासत में यातना के मामले को साबित करने में विफल रहा। अभियोजन पक्ष यह भी साबित करने में विफल रहा कि चोटें पुलिस हिरासत में पिटाई की थीं, और हिरासत की तारीख भी सिद्ध नहीं हो सकी।

एक अन्य आरोपी पी ए रावल की मुकदमे की कार्यवाही के दौरान मृत्यु हो गई, इसलिए उनके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया।

एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा पाए दो अन्य आरोपियों, भूपतसिंह वाघेला और रामपालसिंह पवार के मामले भी अपील लंबित रहने के दौरान उनकी मृत्यु हो जाने के कारण समाप्त कर दिए गए।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सात अक्टूबर 1976 को हाजा के घर की तलाशी ली गई और उन्हें पोरबंदर थाना ले जाया गया। अगले दिन, आरोपियों और चार-पांच अन्य लोगों ने कथित तौर पर उनकी पिटाई की, जिसके परिणामस्वरूप उनकी हड्डी टूट गई और वह बेहोश हो गए।

शब्बीर हुसैन शेखदम (एसएस) खंडवावाला फरवरी 2009 से दिसंबर 2010 के बीच गुजरात के डीजीपी थे।

भाषा आशीष माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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