ईटानगर, 12 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर डॉ बी. डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को उग्रवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तिरप, चांगलांग और लोंगदिंग (टीसीएल) जिले के लोगों की तारीफ की और आह्वान किया कि वे मजबूत बनें और राज्य की स्वतंत्र जनजाति होने पर गर्व महसूस करें।
उग्रवाद प्रभावित तीनों जिलों के सामुदायिक नेताओं, विचारकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने यहां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उग्रवाद, विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों समेत कुछ विषयों पर विचार साझा किये।
मिश्रा ने उनसे कहा कि भारत के संविधान में नोकटे, तांगसा, तुतसा और वांचो को अरुणाचल प्रदेश की मूल जनजातियों के तौर पर मान्यता दी गयी है। राजभवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि वे स्वतंत्र जनजातियां हैं।
उग्रवाद प्रभावित जिलों में शिक्षा के बारे में चिंता प्रकट करते हुए राज्यपाल ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जिले में सैनिक स्कूल की तर्ज पर एक निजी स्कूल खोलने का आश्वासन दिया।
मिश्रा ने कहा कि इसका नाम मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित हवलदार हंगपन दादा के नाम पर किया जाएगा।
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