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Friday, 6 March, 2026
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जातिगत भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिए रोहित वेमुला विधेयक को पारित करेगी सरकार: सिद्धरमैया

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बेंगलुरु, छह मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में सभी सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में छात्रों के खिलाफ जाति आधारित उत्पीड़न को रोकने के लिए रोहित वेमुला विधेयक को पारित करके इसे लागू करेगी।

पिछले साल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिद्धरमैया को पत्र लिखकर उनकी सरकार से रोहित वेमुला के नाम पर एक कानून लाने का आग्रह किया था।

रोहित वेमुला एक दलित विद्यार्थी थे जिन्होंने 2016 में तेलंगाना में कथित भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी।

रोहित वेमुला विधेयक के मसौदे पर 26 फरवरी को कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि गृह विभाग से कुछ सुझाव प्राप्त करने के बाद इसे अंतिम रूप देने के लिए अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

राज्य का बजट पेश करते हुए सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राज्य के सभी सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में छात्रों के खिलाफ जाति आधारित उत्पीड़न को रोकने के लिए रोहित वेमुला विधेयक लागू किया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेतृत्व, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग महाविद्यालय (यूवीसीई) का विकास आईआईटी की तर्ज पर 500 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।

इसके लिए राज्य सरकार पहले ही 100 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है और चालू वर्ष में भी 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने सदन को यह भी सूचित किया कि कारवार में 198 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 450 बिस्तरों वाले बहु-विशेषज्ञता वाले अस्पताल, रायचूर में 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ट्रॉमा केयर सेंटर, मैसूरु और तुमकुरु में 92 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे परिधीय कैंसर केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

बेंगलुरु के ‘राजीव गांधी चेस्ट रोग’ संस्थान में 1,000 बिस्तरों वाले धर्मार्थ सुपर स्पेशलिटी तृतीयक देखभाल केंद्र और अंग प्रतिरोपण की सुविधा वाले अस्पताल के निर्माण के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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