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Monday, 5 January, 2026
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एंजल चकमा की हत्या पर बोले गौरव गोगोई: नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं

गोगोई ने बताया कि एंजल के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले में ज़रूरी तत्परता नहीं दिखाई.

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह घटना देश के पूर्वोत्तर के लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को उजागर करती है. उन्होंने कहा कि नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं और इस तरह की मानसिकता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोगोई ने एंजल चकमा की मौत की परिस्थितियों का ज़िक्र किया और प्रशासन की देरी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “एंजल चकमा गाली-गलौज सहकर वहां से चला जा सकता था, शायद आज वह ज़िंदा होता, लेकिन उस दिन उसका सब्र टूट गया और उसने तंज कसने वालों का विरोध किया. माफी मांगने के बजाय पांच लोगों ने पीछे से उस पर हमला कर दिया. वह 14 दिनों तक मौत-और ज़िंदगी के बीच जूझता रहा, लेकिन अंततः उसकी मौत हो गई.”

गोगोई ने बताया कि एंजल के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले में ज़रूरी तत्परता नहीं दिखाई. उन्होंने कहा, “परिवार के मुताबिक, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की. जब छात्रों ने प्रदर्शन किया, तब जाकर कदम उठाए गए, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी फरार हो चुका था.”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस तरह की घटनाएं देश के अन्य हिस्सों में भी हो रही हैं. गोगोई ने कहा, “अब सवाल यह है कि क्या अन्य जगहों पर भी नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है?”

गौरव गोगोई ने कहा, “नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 9 दिसंबर को देहरादून में बाज़ार से लौटते वक्त त्रिपुरा के एक युवा को ऐसे शब्द कहने पड़े.”

इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में गोगोई ने अपने निजी अनुभव भी साझा किए. उन्होंने कहा, “मेरे साथ भी ऐसा हुआ है. एक बार जब मैं आगरा गया, तो एक गार्ड ने मुझसे पूछा—‘आप कहां से हैं? अपना पासपोर्ट दिखाइए.’ अपने ही देश में, अपने ही लोगों से पासपोर्ट मांगा जाना नॉर्थईस्ट के लोगों के लिए आम बात है. अपने देश का झंडा गर्व से उठाने के बावजूद, ऐसे तंज सुनने पड़ते हैं. यह हमारी सहनशीलता और देशभक्ति दोनों का प्रतीक है.”

गौरतलब है कि एमबीए के छात्र एंजल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में कुछ बदमाशों ने चाकू और अन्य धारदार व कुंद हथियारों से हमला किया था. इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है. पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, जिस पर 25 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, फरार आरोपी की तलाश में एक पुलिस टीम नेपाल भी भेजी गई है.

 

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