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Wednesday, 27 August, 2025
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राजस्थान में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई गणेश चतुर्थी

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जयपुर, 27 अगस्त (भाषा) राजस्थान में गणेश चतुर्थी बुधवार को श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई।

इस बीच राज्य के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी। जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर और अजमेर के प्रमुख मंदिरों में गणेश चतुर्थी की शुरुआत ‘मंगला आरती’ के साथ हुई।

जयपुर के प्रतिष्ठित मोती डूंगरी गणेश मंदिर के साथ-साथ नहर के गणेश जी और गढ़ गणेश मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।

कई मंदिरों में भगवान गणेश को राजसी पोशाक पहनाई गई।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन के लिए मंगलवार देर रात से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी।

यहां गणेश जी की मूर्ति को विशेष स्वर्ण मुकुट से सजाया गया और चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया।

महंत परिवार द्वारा तैयार किया गया एक कीमती ‘नौलखा हार’ भी भगवान को अर्पित किया गया।

यहां प्रसाद के रूप में पाली जिले के सोजत से लाई गई 3,100 किलोग्राम मेहंदी भगवान गणेश को अर्पित की गई और बाद में मंदिर परिसर में पांच स्थानों पर प्रसाद के रूप में वितरित की गई।

गढ़ गणेश मंदिर में बाल रूपी गणेश की मूर्ति का पारंपरिक ‘पंचामृत अभिषेक’ और माला श्रृंगार किया गया।

मंदिर की परंपरा के अनुसार, चढ़ावे में सहस्त्र दुर्वा और सहस्त्र मोदक चढ़ाए गए।

मंदिर में पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा।

सवाई माधोपुर में रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर की परिक्रमा, क्षेत्र में बाघों की आवाजाही के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दी गई।

मंदिर में अनुष्ठानों में सात पवित्र नदियों के जल से अभिषेक शामिल था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए।

इस अवसर पर, शर्मा ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं और शांति एवं समृद्धि की कामना की।

जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर सौम्या गुर्जर और बड़ी संख्या में भक्त भी मंदिर में उपस्थित थे।

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर के आगरा गेट स्थित गणेश मंदिर में दर्शन किए और विशेष आरती की।

अजमेर के मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों व बैंड की धुन पर मंत्रों का उद्घघोष और भजन गाते रहे।

इस अवसर के लिए मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था और सभी आगंतुकों को प्रसाद वितरित किया गया।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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