गुरुग्राम: यह कहानी सुबह-सुबह धान के खेत से शुरू हुई और लगभग तीन साल बाद एक किसान के घर शादी के भोजन पर जाकर खत्म हुई. बीच में ट्रैक्टर की सवारी, दिल्ली में मुलाकात और फरवरी में दिया गया निमंत्रण भी शामिल रहा—यह ऐसी कहानी है जो राजनीति की तय स्क्रिप्ट का पालन नहीं करती.
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी सुबह करीब 10 बजे सोनीपत के गोहाना इलाके के मदीना गांव पहुंचे. वह छोटे किसान संजय मलिक की बेटी तन्नू की शादी में शामिल होने आए थे.
राहुल यहां मलिक के निजी निमंत्रण पर हरियाणा के इस गांव तक पहुंचे थे. और उनका स्वागत उसी तरह हुआ, जिसे राहुल ने बाद में “परिवार वाली मोहब्बत” कहा.
इस दौरे के बाद राहुल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “बहुत आत्मीय स्वागत, परिवार वाली मोहब्बत और बहुत ही स्वादिष्ट खाना—वह तो होना ही था, अन्नदाता के घर का भोज जो था.”

इसके साथ ही उन्होंने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं और संजय मलिक व उनके परिवार को बधाई दी.
यादगार कहानी
8 जुलाई 2023 को राहुल गांधी अपने काफिले के साथ दिल्ली से हिमाचल प्रदेश जा रहे थे. उसी समय सुबह करीब 6:40 बजे उन्होंने मदीना गांव में देखा कि किसान सुबह की हल्की रोशनी में खेतों में झुककर धान की रोपाई कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने अपना काफिला रुकवा दिया.
उन्होंने अपनी पैंट ऊपर मोड़ी, कीचड़ में उतर गए और अगले ढाई घंटे तक वही काम किया जो आम तौर पर नेता सिर्फ कैमरे के सामने करते हैं—उन्होंने खेत में काम किया.
उन्होंने किसानों के साथ धान लगाया, फिर ट्रैक्टर चलाकर खेत में घुमाया और आखिर में महिलाओं द्वारा लाया गया चूरमा और दूध बैठकर खाया.

उस सुबह जिन किसानों के साथ राहुल ने काम किया, उनमें संजय मलिक भी शामिल थे. यह एक ऐसा पल था जो दोनों के लिए यादगार बन गया—मेहमान के लिए भी और जिनसे मुलाकात हुई उनके लिए भी.
उस दिन के बाद राहुल सिर्फ आगे नहीं बढ़ गए. उन्होंने मलिक परिवार को दिल्ली स्थित अपने घर बुलाया, जहां वे उनसे मिलने आए. पानी से भरे खेत में शुरू हुई पहचान धीरे-धीरे एक निजी रिश्ते में बदल गई.
फिर इस साल 25 फरवरी को संजय मलिक और उनका परिवार एक बार फिर दिल्ली गया. इस बार वे राहुल गांधी को तन्नू की शादी का औपचारिक निमंत्रण देने पहुंचे थे. राहुल ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया.
मंगलवार को राहुल गांधी ने अपना वादा निभाया और मलिक परिवार के इस खास मौके पर गांव पहुंच गए.
उनके गांव पहुंचने से यह शादी खास बन गई—ऐसी कहानी जिसे मदीना गांव आने वाली पीढ़ियों को सुनाएगा. राहुल का गांव वालों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने परिवार के साथ बैठकर शादी का भोजन किया और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया.

संजय मलिक के लिए, जिनके पास मुश्किल से डेढ़ एकड़ जमीन है, ऐसे जिले में जहां खेती आज भी जीवन का आधार है लेकिन जहां नेताओं के वादे अक्सर पूरे नहीं होते, राहुल गांधी का आना सिर्फ एक शादी से कहीं ज्यादा मायने रखता था.
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