कोलकाता, 30 जनवरी (भाषा) भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी और उनके दो भाई-बहनों को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सुनवाई के लिए बुलाया गया था। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कुछ दस्तावेजों में पूर्व क्रिकेटर और उनके भाई-बहनों के पिता का नाम ‘निशिथ रंजन गोस्वामी’ और कुछ में ‘निशिथ गोस्वामी’ के रूप में दर्ज है।
अधिकारी के मुताबिक, “सुनवाई 27 जनवरी को निर्धारित थी। झूलन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने अपने आवास से ही मामले को सुलझा लिया, जबकि उनके दो भाई-बहन स्थानीय स्कूल में सुनवाई में शामिल हुए।”
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राष्ट्रीय खेल हस्ती को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2017 में झूलन को “भारत की शान” बताया था। उसने लिखा, “अब उसी हस्ती को उसके पिता के नाम में मामूली सी विसंगति के कारण यह साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है कि क्या वह वास्तव में भारतीय है।”
तृणमूल कांग्रेस ने कहा, “हमारे नायकों का इस्तेमाल फोटो खिंचवाने के लिए करो, फिर उन्हें अपमान, संदेह और राज्य प्रायोजित बेइज्जती का शिकार बनाओ।” उसने लिखा, “जो पार्टी झूलन गोस्वामी की नागरिकता पर संदेह करती है, वह अपनी सारी नैतिक साख खो चुकी है।”
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