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Sunday, 22 March, 2026
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एमसीडी से भाजपा का अवैध नियंत्रण खत्म करने के लिए शीर्ष अदालत जाने को मजबूर: आप

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नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘‘अवैध नियंत्रण’’ खत्म करने के लिए उसे उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

शीर्ष अदालत दिल्ली में महापौर पद की उम्मीदवार शैली ओबेरॉय की याचिका को तीन फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गयी। याचिकाकर्ता ने दिल्ली में महापौर का चुनाव समयबद्ध तरीके से कराने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

आप के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘‘देश जानता है कि आप महापौर का चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराना चाहती है, लेकिन भाजपा अवैध तरीके से एमसीडी में सत्ता पर काबिज है।’’

उन्होंने कहा, ‘आप ने उच्चतम न्यायालय से मांग की है कि एमसीडी के महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के चुनाव समय पर हों। एमसीडी पर भाजपा के अवैध नियंत्रण को खत्म करने के लिए आप को शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप का अनुरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।’

भारद्वाज ने कहा कि शीर्ष अदालत को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और एमसीडी को सख्त आदेश देना चाहिए… संविधान और डीएमसी अधिनियम में, एल्डरमेन को वोट देने का अधिकार नहीं है, लेकिन भाजपा ‘संविधान और कानून का पालन नहीं करती।’

उन्होंने कहा, ‘हमने उच्चतम न्यायालय से यह सुनिश्चित करने के लिए अनुरोध किया है कि एमसीडी में (इन पदों का) चुनाव बिना किसी देरी के हों, क्योंकि दिल्ली के लोगों को शहर का नेतृत्व करने के लिए तत्काल एक नये महापौर की आवश्यकता है।

नव-निर्वाचित एमसीडी सदन की पहली बैठक छह जनवरी को आप और भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच स्थगित कर दी गई थी, जबकि दूसरी बैठक गत मंगलवार को बेनतीजा रही थी।

दिसंबर में हुए एमसीडी चुनाव में आप ने 250 वार्डों में से 134 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा 104 वार्ड जीतने में सफल रही।

भाषा सुरेश माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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