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Saturday, 12 September, 2026
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बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित

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पटना, 12 सितंबर (भाषा) बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और गंभीर हो गई। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 48.22 लाख हो गई है। वहीं, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने अचानक और तेजी से नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में लगभग 48.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।’’

बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।

शुक्रवार शाम तक बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 47.33 लाख थी।

राज्य सरकार ने अधिकारियों को कटाव की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई नदियों और नाले उफना गए हैं।

उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 108.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में कमी आ रही है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवान में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

इसमें कहा गया है कि पानी के स्तर में अचानक कमी से नदी के किनारों के कटाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नदी के किनारों और तटबंधों के संवेदनशील हिस्सों को खतरा हो सकता है।

विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अचानक कटाव, तटबंध टूटने वाले स्थानों का तुरंत निरीक्षण करें और बिना देरी के जरूरी रोकथाम एवं सुरक्षा उपाय शुरू करें।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा, ‘‘बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,248 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चालू हैं। इन केंद्रों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।’’

विभाग ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने और परिवहन के लिए कुल 1,794 नाव चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक 11,204 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है।

बाढ़ को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं।

बिहार मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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