scorecardresearch
Tuesday, 10 March, 2026
होमदेशओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में, 12 साल बाद होगा मुकाबला

ओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में, 12 साल बाद होगा मुकाबला

Text Size:

भुवनेश्वर, 10 मार्च (भाषा) ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार को किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया, इसके साथ ही चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं और 12 साल के अंतराल के बाद राज्यसभा की सीट के लिए मुकाबला होगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजू जनता दल (बीजद) के संतृप्त मिश्रा और चिकित्सक दत्तेश्वर होता तथा निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय चुनावी मैदान में हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि मतदान 16 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम पांच बजे होगी। उन्होंने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी हो जाएगी।

ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए इससे पहले 2014 में मतदान कराना आवश्यक हो गया था जब चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे।

ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर सत्तारूढ़ भाजपा दो सीट पर आसानी से जीत हासिल कर सकती है, जबकि विपक्षी बीजद को एक सीट मिलने की संभावना है। चौथी सीट पर मुकाबला होने की संभावना है।

भाजपा ने सामल और कुमार को अपना औपचारिक उम्मीदवार बनाया है और निर्दलीय उम्मीदवार राय को समर्थन दिया है। वहीं कांग्रेस और माकपा ने होता को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंका जताई जा रही है।

चुनावी गणित के अनुसार किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 30 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।

विधानसभा में भाजपा के 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पिछले माह दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 14 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक विधायक है।

कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि पार्टी ने सोमवार को अपने विधायकों के लिए पहला प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया और मतदान से पहले दो और सत्र आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हमारे विधायक साझा उम्मीदवार को वोट देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बीजद विधायक ध्रुव चरण साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर ‘‘खरीद-फरोख्त’’ को बढ़ावा दे रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी 14 विधायक होता के पक्ष में मतदान करेंगे, जबकि भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी और उसके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार चार में से तीन सीटें जीतेंगे।

भाषा खारी सुरभि

सुरभि

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments