नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के अधिकारियों की एक पहली तरह की कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करने वाले हैं. इसमें आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर चर्चा होगी और दूसरी एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ तालमेल बेहतर करने पर बात होगी. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है.
हालांकि कॉन्फ्रेंस की सही तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को एजेंडा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है. योजना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सभी CAPFs की यूनिट्स से कहा गया है कि वे सोमवार तक चर्चा के लिए अपने एजेंडा भेजें.
ये एजेंडा पहले संबंधित फोर्स के डायरेक्टर जनरल को भेजे जाएंगे. इसके बाद वे इन्हें IB को भेजेंगे.
ध्यान देने वाली बात है कि IB पूरे देश में खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जिम्मेदार है. यह हर साल डायरेक्टर और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, दूसरी फोर्स और जांच एजेंसियों की कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करता है.
एक सूत्र ने दिप्रिंट को बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मकसद CAPFs के शीर्ष अधिकारियों को एक मंच देना है. यहां वे आंतरिक सुरक्षा की नई चुनौतियों से निपटने में अपनी भूमिका पर चर्चा करेंगे और दूसरी एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ बेहतर तालमेल पर बात करेंगे.
यह कदम ऐसे समय में आ रहा है जब मोदी सरकार ने एक नया कानून लागू किया है. यह कानून भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को इंस्पेक्टर जनरल रैंक से ऊपर सीनियर प्रशासनिक ग्रेड में नियुक्त करने की नीति तय करता है.
यह कानून इस महीने की शुरुआत में संसद से पास हुआ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी मिल गई. लेकिन CAPFs जैसे CRPF, CISF, ITBP, SSB और BSF के कैडर अधिकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया है.
इस कानून के तहत CAPFs में ऊपरी पदों पर IPS अधिकारियों की पकड़ मजबूत हो गई है. फोर्स के चीफ, स्पेशल डायरेक्टर जनरल और एडिशनल डायरेक्टर जनरल जैसे पद अब सिर्फ डेपुटेशन पर ही भरे जाएंगे. एडिशनल डायरेक्टर जनरल स्तर के कम से कम 67% पद IPS अधिकारियों के लिए रिजर्व होंगे. इंस्पेक्टर जनरल के पद पर यह सीमा 50% रखी गई है.
हालांकि इस कानून में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) स्तर पर IPS अधिकारियों के लिए कोई रिजर्वेशन नहीं रखा गया है. पहले के नियमों में DIG स्तर पर करीब 20% पद IPS अधिकारियों के लिए रिजर्व होते थे. लेकिन नए कानून के बाद BSF में कुछ अधिकारियों की डेपुटेशन पोस्टिंग को लेकर कैडर अधिकारियों ने और ज्यादा नाराजगी जताई है.
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