scorecardresearch
Friday, 29 August, 2025
होमदेश‘पहले RSS के सदस्यों की शादी कराइए’: अजय राय का मोहन भागवत पर तंज

‘पहले RSS के सदस्यों की शादी कराइए’: अजय राय का मोहन भागवत पर तंज

दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को दिल्ली में संघ की शताब्दी समारोह के दौरान कहा था कि हर भारतीय नागरिक को तीन बच्चों के बारे में सोचना चाहिए.

Text Size:

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए.

संगठन पर तंज कसते हुए राय ने कहा कि अगर भागवत जी इस विचार को सच मानते हैं तो उन्हें सबसे पहले आरएसएस के सदस्यों को शादी करने और खुद इस नियम का पालन करने का निर्देश देना चाहिए.

राय ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर संघ ऐसा कह रहा है तो मोहन भागवत जी को तुरंत आदेश जारी करना चाहिए कि सभी आरएसएस सदस्य शादी करें और वही करें जो उन्होंने कहा है. संघ में तो सब कुंवारे घूम रहे हैं.”

आरएसएस प्रमुख के इस बयान के अलावा कि नेताओं को 75 साल की उम्र में राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए, राय ने भाजपा और संघ पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “यह सीमा तो उन्होंने अपने लोगों को हटाने के लिए ही तय की थी. अडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी को मार्गदर्शक मंडल में डालकर उनका राजनीतिक ‘मर्डर’ किया गया. अब जब उनका खुद का समय आ गया है, तो कह रहे हैं कि ऐसा कुछ नहीं है. यह संघ का दोहरा चरित्र है और जनता सब देख रही है.”

दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को दिल्ली में संघ की शताब्दी समारोह के दौरान कहा था कि हर भारतीय नागरिक को तीन बच्चों के बारे में सोचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि एक संसाधन भी है और बोझ भी, लेकिन स्थिर जन्मदर से जनसंख्या को नियंत्रित रखते हुए संतुलन कायम किया जा सकता है.

भागवत ने कहा, “हमारे देश की जनसंख्या नीति औसतन 2.1 बच्चों की सिफारिश करती है, लेकिन बच्चे पैदा करने पर 0.1 बच्चा तो नहीं होता. गणित में 2.1 यानी 2, लेकिन बच्चे पैदा होने पर यह 3 होता है. इसलिए 2.1 का मतलब 3 है. हर नागरिक को देखना चाहिए कि उसके परिवार में तीन बच्चे हों.”

उन्होंने कहा, “यह देश के लिए दृष्टिकोण है. दूसरी बात, यह चिंता का विषय भी है. जनसंख्या संपत्ति भी है और बोझ भी. सबको भोजन देना है, इसलिए जनसंख्या नीति की सिफारिश की गई है. एक तरफ जनसंख्या नियंत्रित रहे, दूसरी तरफ पर्याप्त भी हो. इसीलिए 3 (बच्चे) होने चाहिए, लेकिन इसके बाद और ज़्यादा नहीं, ताकि बच्चों की अच्छी परवरिश हो सके. इसे सबको स्वीकार करना चाहिए.”

भागवत ने यह भी कहा कि जन्मदर में गिरावट सभी समुदायों में दिख रही है, हिंदुओं में भी.

आरएसएस प्रमुख का यह बयान उस वक्त आया है जब केंद्र सरकार 2027 की जनगणना की तैयारी कर रही है. 2011 के बाद यह नई जनसांख्यिकीय तस्वीर सामने लाएगी. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भी चेतावनी दी गई है कि भारत की जन्मदर घटकर 1.9 हो गई है, जो लक्ष्य 2.1 से नीचे है.


यह भी पढ़ें: ‘पद पर बने रहने की 75 कोई सीमा नहीं, मैंने कभी नहीं कहा कि मैं या कोई और रिटायर हो’—RSS प्रमुख


 

share & View comments