चेन्नई, 27 नवंबर (भाषा) अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता के. ए. सेंगोट्टैयन और उनके समर्थक बृहस्पतिवार को यहां अभिनय से राजनीति में आये विजय के नेतृत्व वाली टीवीके में शामिल हो गए।
सेंगोट्टैयन को एमजीआर का करीबी माना जाता था। वह पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय पहुंचे और अन्नाद्रमुक की पूर्व सांसद वी. सत्यभामा सहित कई समर्थकों के साथ विजय की उपस्थिति में उनकी पार्टी में शामिल हो गए।
हालांकि, अन्नाद्रमुक के महासचिव के. पलानीस्वामी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि सेंगोट्टैयन अन्नाद्रमुक के साथ नहीं थे।
सेंगोट्टैयन (77) को विजय ने टीवीके का पीले-लाल रंग का शॉल भेंट किया।
टीवीके के सूत्रों का मानना है कि उनके पार्टी में शामिल होने से कोंगु क्षेत्र में टीवीके को मजबूती मिलेगी, खासकर उनके गृह जिला एरोड के आठ विधानसभा क्षेत्रों में।
तमिलनाडु के पश्चिमी क्षेत्र को ‘कोंगु’ के नाम से जाना जाता है जिसमें जिसमें कोयम्बटूर और इरोड शामिल हैं,
नौ बार के विधायक रहे सेंगोट्टैयन ने 26 नवंबर को गोबिचेट्टिपलयम के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। वह ओ. पन्नीरसेल्वम समर्थक पी. एच. मनोज पंडियन के बाद इस्तीफा देने वाले अन्नाद्रमुक के दूसरे विधायक हैं। मनोज पंडियन सत्तारूढ़ द्रमुक में शामिल हो गए हैं।
सेंगोट्टैयन को अन्नाद्रमुक के महासचिव के. पलानीस्वामी ने 31 अक्टूबर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। यह कदम उनके पार्टी से निष्कासित नेताओं ओ. पन्नीरसेल्वम, टी.टी.वी. दिनाकरण और दिनाकरण की चाची वी.के. शशिकला से रमनाथपुरम में मुलाकात करने के बाद उठाया गया।
वरिष्ट नेता ने निष्कासित नेताओं को फिर से पार्टी में शामिल किए जाने का प्रयास किया था। सात नवंबर को सेंगोट्टैयन के 14 समर्थकों सहित पूर्व सांसद वी. सत्यभामा को भी अन्नाद्रमुक से हटा दिया गया था।
विजय ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि सेंगोट्टैयन का राजनीतिक अनुभव और ज़मीनी स्तर पर उनका कार्य टीवीके के लिए पूंजी साबित होगा।
विजय ने बाद में एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘अन्ना (बड़े भाई) के 50 साल के राजनीतिक अनुभव और राजनीतिक क्षेत्र में उनके समर्पित कार्य से टीवीके को बड़ी मजबूती मिलेगी।’’
इस घटनाक्रम पर भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने कहा कि सेंगोट्टैयन के टीवीके में शामिल होने के फैसले से भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में सेंगोट्टैयन ने कहा कि वह राज्य में सुशासन लाने के स्पष्ट निर्णय के साथ टीवीके में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग भी सुशासन चाहते हैं। द्रमुक और अन्नाद्रमुक में कोई अंतर नहीं है। टीवीके पार्टी गठित करके विजय ने उन लोगों का दिल जीत लिया है जो शासन में परिवर्तन चाहते हैं।’’
भाषा शोभना माधव
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