अहमदाबाद, सात जुलाई (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने ‘‘मोदी उपनाम’’ वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध करने संबंधी उनकी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस मामले से जुड़ा घटनाक्रम इस प्रकार है:
13 अप्रैल, 2019: राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘भले ही नीरव मोदी हों, ललित मोदी हों या नरेन्द्र मोदी हों, सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी क्यों होता है?’’
15 अप्रैल, 2019: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं सूरत से विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी की इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया।
सात जुलाई, 2019: राहुल गांधी सूरत मेट्रोपोलिटन अदालत में पहली बार पेश हुए।
23 मार्च, 2023: सूरत मेट्रोपोलिटन अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी को दोषी करार दिया और उन्हें दो साल कारावास की सजा सुनाई।
24 मार्च, 2023: राहुल गांधी संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराए गए।
दो अप्रैल, 2023: राहुल गांधी ने दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका के साथ सूरत की सत्र अदालत में मेट्रोपोलिटन अदालत के आदेश को चुनौती दी। यह मामला अभी लंबित है।
20 अप्रैल, 2023: सूरत की सत्र अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर की, लेकिन दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
25 अप्रैल, 2023: राहुल गांधी ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की।
सात जुलाई, 2023: गुजरात उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी की दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज की।
भाषा सिम्मी मनीषा
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