नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अपने 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी शीर्ष प्राथमिकता है और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद को लेकर उसका नजरिया मुख्य रूप से इसी बात पर आधारित है।
भारत ने कहा कि इसमें वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद के विकल्प पर विचार करना भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेसवार्ता में ये टिप्पणियां अमेरिका के इस दावे के जवाब में कीं कि भारत, रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका एवं वेनेजुएला से और अधिक तेल खरीदने पर सहमत हो गया है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘जहां तक भारत की ऊर्जा खरीद का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बाजार की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के हिसाब से अपनी ऊर्जा खरीद में विविधता लाना, यह सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी कदम इसी बात को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं और भविष्य में भी इसका अनुसरण किया जाएगा।’’
प्रवक्ता ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के प्रति भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत वेनेजुएला सहित कच्चे तेल की आपूर्ति के किसी भी नये विकल्प के व्यावसायिक लाभ तलाशने के लिए तत्पर है।
माना जाता है कि भारत रूसी तेल खरीदना पूरी तरह से बंद नहीं करेगा।
राजनयिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है और ऐसे में, नयी दिल्ली के मॉस्को के साथ ऊर्जा संबंधों में कोई रुकावट नहीं आएगी।
भारत-अमेरिका संबंध उस समय से असहज है जब ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया, जिसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।
भाषा शफीक संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
