शिवमोगा (कर्नाटक), एक मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई के मारे जाने संबंधी हमले की कड़ी निंदा की।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में फंसे कन्नड़ भाषी लोगों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान में व्यवधानों के कारण दुबई में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अधिकारियों और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है।
सिद्धरमैया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जो युद्ध छेड़ा जा रहा है, मेरी राय में अमेरिका ने ईरान पर जो युद्ध छेड़ा है, वह अनावश्यक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, शांति की बात करते हैं; दूसरी तरफ वह युद्ध छेड़ते हैं। यह विरोधाभासी रुख है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम टेलीविजन पर देख रहे हैं कि खामेनेई की हत्या कर दी गई है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’’
पश्चिम एशिया में फंसे कन्नड़ भाषी लोगों के बारे में सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही कदम उठा लिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में पहले ही बात कर चुका हूं। मैंने हमारे मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और दिल्ली में हमारे सहायक आयुक्त से भी बात की है। दुबई हवाई अड्डा बंद है। यह जैसे ही खुलेगा उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे।’’
पत्रकारों ने जब कहा कि जद (एस) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) एस एल भोजेगौड़ा भी अपने परिवार के साथ दुबई में फंसे हुए हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने भोजेगौड़ा से बात की है। उन्होंने बताया कि वह सुरक्षित हैं और एक होटल में ठहरे हुए हैं।’’
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हम विदेश मंत्रालय के संपर्क में भी हैं। हम सभी को बिना किसी असुविधा के सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं। ये सभी कन्नड़ भाषी हैं। बल्लारी के लगभग 35 लोग फंसे हुए हैं। अन्य राज्यों के लोगों को मिलाकर कुल संख्या 52 है। हम इन सभी को वापस लाने का प्रयास करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के सचिवालय के संपर्क में है। उनके अनुसार, दुबई में सभी भारतीय सुरक्षित हैं।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल
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