नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक तथा उसके निदेशक के खिलाफ कोलकाता में की गई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर सीबीआई जांच का अनुरोध किया है।
याचिका में उसने यह भी अनुरोध किया है कि तलाशी के दौरान जिन सभी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को ‘‘अवैध और जबरन’’ तरीके से हटा लिया गया था, इन्हें तुरंत जब्त कर सील किया जाये, फॉरेंसिक रूप से सुरक्षित रखा जाये और फिर ईडी को सौंपा जाये।
उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई किये जाने की उम्मीद है।
कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले के तहत बृहस्पतिवार को आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक तथा निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के आवास पर तलाश अभियान चलाया गया। राज्य और दिल्ली में भी कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी।
ईडी ने बृहस्पतिवार को एक प्रेस बयान में आरोप लगाया था कि बनर्जी छापेमारी के दौरान कोलकाता के लाउडन रोड स्थित जैन के आवास पर आईं और ‘‘महत्वपूर्ण सबूत ले गईं’’ और आई-पैक के कार्यालय में भी उन्होंने ऐसा ही किया।
ईडी ने याचिका में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित चोरी से प्राप्त हवाला राशि के लगभग 20 करोड़ रुपये आई-पैक तक पहुंचे। यह संगठन 2021 से टीएमसी और राज्य सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रहा है।
इसमें कहा गया है, ‘‘जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों से पता चलता है कि हवाला चैनलों के माध्यम से आई-पैक को कम से कम 20 करोड़ रुपये की आपराधिक आय हस्तांतरित की गई थी।’’
याचिका में कहा गया है, ‘‘जांच को जारी रखते हुए और अपराध से प्राप्त धनराशि और उसके उपयोग का पता लगाने के लिए, कोयला तस्करी मामले के संबंध में आई-पैक और कुछ अन्य संस्थाओं के खिलाफ तलाश अभियान शुरू किया गया था।’’
इसमें कहा गया, ‘‘पीएमएलए के तहत जारी तलाशी अभियान में हस्तक्षेप न करने के लिए (ईडी अधिकारियों द्वारा) स्पष्ट अनुरोध किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने परिसर में प्रवेश किया।’’
याचिका में कहा गया है, ‘‘कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए, सुश्री ममता बनर्जी ने पुलिसकर्मियों की सहायता से अधिकृत अधिकारी के कब्जे से सभी डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेजों को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और दोपहर लगभग 12:15 बजे परिसर से चली गईं।’’
ईडी ने कहा कि उसके अधिकारियों को ‘‘अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन नहीं करने दिया गया और उनके कामकाज में बाधा डाली गई।’’
एजेंसी ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों तक किसी भी प्रकार की पहुंच बनाये जाने, इन्हें मिटाने या छेड़छाड़ को रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित करे।
भाषा देवेंद्र मनीषा
मनीषा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
