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Wednesday, 11 March, 2026
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राजस्थान के दुग्ध उत्पादक संगठनों की उन्हें संबल योजना में शामिल करने की मांग

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नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) राजस्थान में चार दुग्ध उत्पादक संगठनों ने उनसे जुड़े 1.70 लाख दुग्ध किसानों को ‘मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना’ में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध की आपूर्ति के लिए पांच रुपये प्रति लीटर की नकद सहायता (सब्यिडी) दी जाती है।

इन चार दुग्ध उत्पादक किसान संगठनों की ओर से बृहस्पतिवार को जारी साझा बयान में कहा गया है कि सहकारी सिद्धांतों पर किसानों द्वारा बनाए गए इन चार संगठनों की 70,000 महिलाओं सहित 1.70 लाख दुग्ध किसानों ने आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राज्य सरकार की पांच रुपये प्रति लीटर की इस नकद सहायता योजना में शामिल करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।

साझा बयान में इन दुग्ध किसान संगठनों में जयपुर स्थित पायस डेयरी, अलवर स्थित सखी डेयरी, उदयपुर स्थित आशा डेयरी एवं कोटा स्थित उजाला डेयरी ने कहा, ‘योजना में हमें न सम्मिलित करने से पैदा हुई असमानता हमारे लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा कर सकती है और हमारे हजारों सदस्यों की आजीविका को भी प्रभावित कर सकती है।’’

विज्ञप्ति के अनुसार, राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों के कल्याण के मकसद से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना’ की घोषणा वित्त वर्ष 2019-20 में राज्य के बजट में की गई थी, जिसके तहत राज्य सरकार ने सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों में दूध पशुपालकों को दूध आपूर्ति करने के लिए दो रुपये प्रति लीटर का अनुदान घोषित किया था। हाल ही में पेश वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में दूध पर इस सब्सिडी को दो रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर पांच रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की गई है।

भाषा अजय राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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