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Wednesday, 11 March, 2026
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औद्योगिक उत्पादन मार्च में 1.9 प्रतिशत बढ़ा, 2021-22 में 11.3 प्रतिशत की वृद्धि

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नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि सुस्त बनी हुई है। मार्च, 2022 में औद्योगिक उत्पादन 1.9 प्रतिशत बढ़ा है। मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि सुस्त रही है।

बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

मार्च, 2021 में औद्योगिक उत्पादन 24.2 प्रतिशत बढ़ा था। वहीं इस साल फरवरी में महामारी की तीसरी लहर के बीच औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि 1.5 प्रतिशत रही थी।

पिछले साल नवंबर और दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन मात्र एक प्रतिशत बढ़ा था। अक्टूबर, 2021 में कारखाना उत्पादन में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च-2022 में खनन उत्पादन चार प्रतिशत बढ़ा। पिछले साल समान महीने में खनन क्षेत्र की वृद्धि 6.1 प्रतिशत रही थी।

समीक्षाधीन महीने में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन मात्र 0.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र के उत्पादन में 28.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। बिजली क्षेत्र का उत्पादन में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक साल पहले समान महीने में बिजली क्षेत्र का उत्पादन 22.5 प्रतिशत बढ़ा था।

वित्त वर्ष 2021-22 में औद्योगिक उत्पादन में 11.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2020-21 में इसमें 8.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

निवेश का सूचक कहे जाने वाले पूंजीगत सामान क्षेत्र का उत्पादन मार्च, 2022 में 0.7 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र के उत्पादन में 50.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में करीब 34 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले प्राथमिक उत्पादों के खंड की वृद्धि मार्च में 5.7 प्रतिशत रही। एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 7.9 प्रतिशत बढ़ा था।

टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन में मार्च में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई। एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 59.9 प्रतिश्त बढ़ा था।

आंकड़ों के अनुसार, मार्च में मध्यवर्ती वस्तुओं और ढांचागत/निर्माण वस्तुओं का उत्पादन बढ़ा, जबकि उपभोक्ता गैर-टिकाऊ खंड के उत्पादन में गिरावट आई।

मार्च, 2020 में कोरोना वायरस महामारी की वजह से औद्योगिक उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस समय इसमें 18.7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी।

अप्रैल, 2020 में औद्योगिक उत्पादन 57.3 प्रतिशत घटा था। उस समय महामारी की वजह से लॉकडाउन लगाया था जिससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।

भाषा अजय अजय पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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