scorecardresearch
Thursday, 12 March, 2026
होमदेशअर्थजगतजूपी ने 170 कर्मचारियों को निकाला, नई नीतियों के कारण लिया गया फैसला

जूपी ने 170 कर्मचारियों को निकाला, नई नीतियों के कारण लिया गया फैसला

Text Size:

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) गेमिंग कंपनी जूपी ने बृहस्पतिवार को 170 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह उसकी कुल कर्मचारियों की संख्या का 30 प्रतिशत है।

कंपनी ने यह कदम नए कानून के कारण उठाया है, जिसमें पैसा आधारित ऑनलाइन गेम पर रोक लगाई गई है। इस नई नीति के कारण कंपनी को अपने कामकाज में बदलाव करना पड़ा है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह छंटनी ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद की गई है।

कंपनी ने यह भी कहा कि जब भी नई भर्तियां होंगी, निकाले गए कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखने में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।

जूपी और कई अन्य मंचों को ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 के लागू होने के बाद अपने पैसा आधारित पेशकश बंद करने पड़े, क्योंकि इस विधेयक में पैसों का दांव लगाने वाले सभी खेलों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जूपी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक (सीईओ) दिलशेर सिंह मल्ही ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक बहुत ही मुश्किल फैसला था, लेकिन नए नियमों के हिसाब से ढलने के लिए यह जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो साथी हमें छोड़कर जा रहे हैं, वे जूपी की यात्रा का एक अहम हिस्सा रहे हैं और हम जूपी को आज यहां तक लाने में उनके योगदान के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। हम अपने साथियों को मदद दे रहे हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी और आत्मविश्वास के साथ अपनी अगली नौकरी की शुरुआत कर सकें।’’

भाषा योगेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments