नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आपूर्ति बाधित होने से राष्ट्रीय राजधानी में सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। व्यापारियों ने बुधवार को कहा कि इस संकट से औषधीय जड़ी-बूटियों सहित कई वस्तुओं की आवक प्रभावित हुई है।
मसालों और सूखे मेवों के थोक बाजार के केंद्र ‘खारी बावली मार्केट एसोसिएशन’ के अध्यक्ष राजीव भाटिया ने कहा कि आपूर्ति की कमी के कारण सूखे मेवों के दाम 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘काजू को छोड़कर अधिकांश सूखे मेवे पश्चिम एशियाई देशों से आयात किए जाते हैं और अब उनकी आपूर्ति ठप हो गई है। ईद का त्योहार नजदीक होने के कारण खजूर की मांग बढ़ी है, लेकिन भंडार सीमित है।’
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से आने वाली कई औषधीय जड़ी-बूटियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के पास स्थित खारी बावली को एशिया के सबसे बड़े थोक मसाला और मेवा बाजार के रूप में जाना जाता है।
एक अन्य थोक व्यापारी ओमेश जैन ने बताया कि नई खेप न आने के कारण व्यापारी वर्तमान में पुराने भंडार पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा, ‘बादाम, अंजीर, चिलगोजा, खजूर और कई जड़ी-बूटियों की आपूर्ति रुक गई है। यदि स्थिति ऐसी ही रही, तो आने वाले हफ्तों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।’
चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो दिल्ली में लगभग 5,000 करोड़ रुपये की व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। उनके अनुसार, ईरान से आयात होने वाले पिस्ता, आलूबुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर और ममरा बादाम की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भाषा सुमित अजय
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