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Monday, 1 September, 2025
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अमेरिकी शुल्क से भारत की वृद्धि दर में 0.5 प्रतिशत की आ सकती गिरावट: पूर्व वाणिज्य सचिव पिल्लै

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नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) पूर्व वाणिज्य और गृह सचिव जी के पिल्लै ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत आयात शुल्क से भारत की आर्थिक वृद्धि दर में करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

पिल्लै ने यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि यदि भारतीय निर्यातक वैकल्पिक बाजार खोजने में असफल रहते हैं तो देश की आर्थिक वृद्धि दर में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

उन्होंने श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव होने की आशंका जताते हुए कहा, “इसका असर खासकर वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, समुद्री खाद्य, रसायन जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। कुछ कंपनियों को कामगारों की छंटनी भी करनी पड़ सकती है।”

पिल्लै ने अमेरिका के इस कदम को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि रूस से ईंधन खरीदने वाले चीन और यूरोपीय देशों पर ऐसी कोई जुर्माना नहीं लगाया है जबकि भारत को निशाना बनाया गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए समय पर कदम उठाएगी।

पिल्लै ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार कुछ योजना बना रही है। ये शुल्क अभी 27 अगस्त से ही लगे हैं। अगले कुछ हफ्तों में हम देख पाएंगे कि सरकार क्या कदम उठाती है।”

वित्त मंत्रालय ने भी अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में आगाह किया है कि भले ही इन शुल्कों का तत्काल असर सीमित हो लेकिन इसके मध्यम एवं दीर्घकालिक प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं।

अमेरिका के बढ़े हुए शुल्क का प्रभाव 48 अरब डॉलर से अधिक के भारतीय निर्यात पर पड़ सकता है जिसमें कपड़ा, झींगा, चमड़ा-फुटवियर, रासायनिक उत्पाद और मशीनरी जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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