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Saturday, 7 March, 2026
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अमेरिकी शुल्क वृद्धि अस्थायी झटका, निर्यात के लिए समर्थन की जरूरत: दिल्ली व्यापारी

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नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) दिल्ली के व्यापार संगठनों ने बुधवार को भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के अमेरिकी फैसले पर चिंता व्यक्त की। हालांकि उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव काफी हद तक अस्थायी होगा क्योंकि भारत वैकल्पिक बाजारों की तलाश करेगा और घरेलू प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगा।

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (एफईएसटीए) ने इस कदम को ‘अनुचित और नासमझी भरा’ करार दिया।

एफईएसटीए के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा, ‘‘शुल्क दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध की स्थिति पैदा करेंगे।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापारियों को जीएसटी में अधिकतम राहत देने और कम ब्याज दर पर ऋण सुनिश्चित करने की अपील की ताकि घरेलू उत्पाद प्रतिस्पर्धी बने रहें।

गांधी नगर मार्केट एसोसिएशन ने इस व्यवधान को अस्थायी बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश सिक्का ने कहा, ‘‘यह केवल एक अल्पकालिक समस्या है क्योंकि हमारा निर्यात दूसरे देशों में जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि व्यापारियों को विश्वास है कि प्रधानमंत्री की नीतियों के तहत बेहतर विकल्प मिलेंगे।

इसके अलावा, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कहा कि भारतीय, अमेरिकी अर्थव्यवस्था में प्रमुख योगदानकर्ता हैं और ऐसे फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए, न कि ‘आवेग में’।

इसके अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि ‘‘शुरुआती दबाव भले ही हो, लेकिन व्यापारियों का मानना ​​है कि लंबी अवधि में देश का निर्यात बढ़ेगा।’’

कीर्ति नगर मार्केट एसोसिएशन के महासचिव रितेश जितानी ने कहा कि आयातित मशीनरी पर निर्भरता अल्पकालिक चुनौतियां पेश कर सकती है, लेकिन आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने से अंततः इस क्षेत्र को लाभ होगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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