नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) देश के नौ प्रमुख शहरों में दिसंबर, 2022 के अंत तक बिना बिके मकानों की संख्या 10 प्रतिशत घटकर 4,61,000 रह गई है। प्रोपइक्विटी ने सोमवार को बताया कि बेहतर बिक्री के कारण यह संभव हुआ है।
इसके आंकड़ों के अनुसार, इन नौ शहरों में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत तक (सितंबर में) बिना बिके मकानों की संख्या 5,12,526 रह गई थी।
प्रोपइक्विटी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने कहा, ”कई चुनौतियों के बावजूद इस साल घरों की बिक्री में भारी सुधार हुआ। गौर करने लायक बात है कि इस उद्योग में मांग और सकारात्मक धारणा बढ़ रही है। ब्याज दरों में तेज वृद्धि के बावजूद, उपभोक्ता ऋण ले रहे थे।”
आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता में बिना बिके मकानों की संख्या सितंबर अंत में 20,096 से 12 प्रतिशत गिरावट के साथ दिसंबर अंत में 17,715 रह गई। नवी मुंबई में यह संख्या 30,986 से 10 प्रतिशत घटकर 27,815 इकाई, जबकि मुंबई में यह संख्या 61,755 से पांच प्रतिशत कम होकर 58,587 इकाई रह गई। ठाणे में यह 1,08,854 इकाई से 11 प्रतिशत गिरकर 97,117 इकाई तक रह गई।
दिल्ली एनसीआर में बिना बिके मकानों की संख्या 46,452 इकाई से 10 प्रतिशत घटकर 41,693 इकाई रह गई। जबकि बेंगलुरु में यह आंकड़ा 58,390 इकाई से 16 प्रतिशत गिरावट के साथ 49,246 इकाई रह गया। पुणे में यह संख्या 73,644 इकाई से 11 प्रतिशत गिरावट के साथ 65,612 इकाई रह गई।
हैदराबाद में बिना बिके मकानों की संख्या सितंबर अंत में 93,473 से गिरकर 93,473 इकाई रह गई।
रियल एस्टेट से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी ने कहा कि विश्लेषण में अपार्टमेंट, स्वतंत्र ‘फ्लोर’ और विला के आंकड़े शामिल हैं।
भाषा अनुराग रमण
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