नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) वैश्विक स्तर पर जिंस कारोबार से जुड़ी कंपनी ट्रैफिगुरा, नायरा एनर्जी से बाहर निकल गयी है। कंपनी ने अपनी पूरी 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी इटली के मेरटेरा समूह को बेच दी है।
ट्रैफिगुरा ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। हालांकि, कंपनी ने सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया है।
मेरटेरा समूह को पूर्व में जेनेरा ग्रुप होल्डिंग के नाम से जाना जाता था। इटली की कंपनी ने विशेष उद्देश्यीय इकाई हारा कैपिटल सार्ल के जरिये हिस्सेदारी खरीदी है।
ट्रैफिगुरा ने बयान में कहा कि उसने नायरा एनर्जी में अपनी 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी हारा कैपिटल सार्ल को बेच दी है।
नायरा एनर्जी को पूर्व में एस्सार ऑयल के नाम से जाता था। इसे रूस की कंपनी रोसनेफ्ट की अगुवाई वाले समूह ने 2017 में खरीदा था।
निवेश समूह विशेष उद्देश्यीय इकाई, केसानी एंटरप्राइजेज कंपनी लिमिटेड ने 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। इस समूह में जिनेवा की ट्रैफिगुरा और रूस का निवेश समूह यूनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स (यूसीपी) शामिल था।
नायरा एनर्जी के पास गुजरात के वडीनार में रिफाइनरी है। इसकी मौजूदा क्षमता दो करोड़ टन सालाना है। उसके पास 6,500 से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क है।
भाषा रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
