कोलकाता, 28 दिसंबर (भाषा) विभिन्न निर्यात संवर्द्धन परिषदों (ईपीसी) ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के व्यापार समझौतों की सराहना की।
निर्यात संवर्द्धन परिषदों ने कहा कि इन समझौतों से देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय उत्पादों को इन बाजारों में तरजीही पहुंच मिलेगी।
इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) ने कहा कि देश को यूएई द्वारा दी गई तरजीही बाजार पहुंच से 97 प्रतिशत से अधिक शुल्कों में लाभ हुआ है, जो कीमत के आधार पर इस क्षेत्र को भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत है।
ईईपीसी के पूर्वी क्षेत्रीय अध्यक्ष बी डी अग्रवाल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) से 10 लाख नौकरियां तैयार होंगी और ऑस्ट्रेलिया को भारतीय से वस्तुओं के निर्यात में 10 अरब डॉलर की वृद्धि होने की उम्मीद है। ईसीटीए 29 दिसंबर से लागू होगा।
कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत रोवन एन्सवर्थ ने कहा कि ईसीटीए से व्यापार विविधीकरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष पंकज पारेख ने कहा कि ईसीटीए से ऑस्ट्रेलिया को भारत से रत्न और आभूषण का निर्यात तीन साल में दोगुना होकर 80 करोड़ डॉलर पर पहुंच जाएगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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