नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को पर्यावरण बचाने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पेड़ लगाने को एक बड़ा आंदोलन बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
वह हर दिन कम से कम एक पौधा लगाने के अपने वादे के पांच साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
चौहान ग्रामीण विकास मंत्री भी हैं. उन्होंने 19 फरवरी, 2021 को नर्मदा जयंती के मौके पर अमरकंटक में ‘रुद्राक्ष’ और ‘साल’ के पौधे लगाकर इस हरित पहल की शुरुआत की थी.
मंत्रालय ने पिछले पांच साल में 6,000 से ज़्यादा पौधे लगाए हैं.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, चौहान ने घोषणा किया कि उनके दोनों मंत्रियों द्वारा आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रम पौधे लगाने से शुरू होंगे. उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधिकारियों को भी ऐसा ही करने का निर्देश दिया. ऐसे कार्यक्रम में खास लोगों के सम्मान में पौधे दिए जाने चाहिए.
अपने वादे के पांच साल पूरे होने पर, मंत्री ने पेड़ लगाने को एक बड़ा आंदोलन बनाने के लिए एक ‘मंच’ बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि वह इस दिशा में काम करेंगे.
चौहान ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन दुनिया भर में एक बड़ी चिंता बन गया है. हमें जलवायु परिवर्तन के बुरे असर से निपटने के लिए कदम उठाने की ज़रूरत है.’’
उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है और कई कदम उठाए हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि धरती मां की रक्षा करना पूरे समाज और हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है.
मंत्री ने कहा, ‘‘अगर पेड़ होंगे तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा. पर्यावरण की रक्षा का सबसे असरदार तरीका जंगल और हरियाली बढ़ाना है.’’
चौहान ने कहा कि उन्होंने यह वादा पांच साल पहले किया था. उन्होंने कहा, ‘‘अब, पेड़ लगाने के लिए एक बड़ा मंच बनाने की ज़रूरत है जो समाज के सभी वर्गों को साथ ले सके.’’
चौहान ने लोगों से अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की. इस कार्यक्रम में आईसीएआर के महानिदेशक एम एल जाट, पर्यावरणवादी अनिल जोशी आदि भी मौजूद थे.
