नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) सरकार अन्वेषण लाइसेंस नीलामी का दूसरा दौर बृहस्पतिवार को शुरू करेगी।
यह महत्वपूर्ण एवं गहराई में पाए जाने वाले खनिजों की दीर्घकालिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से देश के खनिज अन्वेषण सुधारों की दिशा में अहम कदम है।
कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में इसकी शुरुआत के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के हितधारक और अन्य लोग शामिल होंगे।
इस मौके पर खान मंत्रालय भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) का अगली पीढ़ी का डिजिटल मंच भी पेश करेगा जो डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रसार को एक ही क्लाउड-सक्षम मंच पर एकीकृत करेगा।
खान मंत्रालय ने बयान में कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई)/ मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित उपकरण और राष्ट्रीय भू-विज्ञान डेटा भंडार (एनजीडीआर) के साथ अंतर-संचालन (इंटरऑपरेबिलिटी) से लैस यह मंच खनिज अन्वेषण में पारदर्शिता, दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा।
कार्यक्रम में हितधारकों के लिए अन्वेषण लाइसेंस (ईएल) ढांचे, नीलामी पद्धति एवं प्रोत्साहनों पर एक ‘रोडशो’ भी आयोजित किया जाएगा। इसमें एमएसटीसी मंच के माध्यम से ई-नीलामी प्रक्रिया, नीलामी नियमों तथा अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति के लिए राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) योजना पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
अन्वेषण लाइसेंस नीलामी का दूसरा दौर पहले चरण की सफल शुरुआत के बाद आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण पिछले साल मार्च में शुरू किया गया था।
भाषा निहारिका अजय
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