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Wednesday, 11 March, 2026
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लगातार मांग आने से निजी निवेश को मिलेगा प्रोत्साहनः एसबीआई चेयरमैन

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नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने मंगलवार को कहा कि कंपनियों के 75 प्रतिशत क्षमता पर काम करने के बीच लगातार घरेलू मांग आने पर ही निजी क्षेत्र में पूंजीगत निवेश बढ़ पाएगा।

शेट्टी ने एक कार्यक्रम में कहा कि इस्पात और सीमेंट जैसे प्रमुख क्षेत्र में अभी कोई बड़ा निवेश नहीं हुआ है और कंपनियां लगभग 75-80 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “अब विस्तार करने का सही समय है लेकिन कंपनियां यह देख रही हैं कि क्या घरेलू मांग लगातार बनी रहती है। सरकार की तरफ से मांग बढ़ाने के उपाय, आरबीआई द्वारा पर्याप्त नकदी डालने और ब्याज दरों में कमी इस भरोसे को बढ़ाने में मदद करेंगे।”

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बहुत मजबूत बना हुआ है और सार्वजनिक रिफाइनरी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि खुद एसबीआई के बही-खातों में लगभग तीन-चार लाख करोड़ रुपये के कॉरपोरेट ऋण हैं, जो मुख्यतः सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी, डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए हैं।

शेट्टी ने सुझाव दिया कि वैश्विक बैंकों की तर्ज पर भारतीय बैंकों को भी विलय एवं अधिग्रहण के लिए वित्तपोषण की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में अधिग्रहण अधिक पारदर्शी होते हैं और शेयरधारकों द्वारा अनुमोदित होते हैं लिहाजा इसे वित्तपोषित किया जाना चाहिए।

एसबीआई चेयरमैन ने बताया कि कंपनियां अपने पास लगभग 15 लाख करोड़ रुपये नकदी रखे हुए हैं और वे किसी अवसर के लिए इक्विटी और ऋण के संयोजन के माध्यम से अधिग्रहण करने की इच्छुक हैं।

उन्होंने एसबीआई के योनो ऐप को सूचीबद्ध किए जाने से संबंधित सवाल पर कहा कि निकट भविष्य में ऐसी कोई योजना नहीं है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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