नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण सोमवार को शेयर बाजारों में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। हालांकि, बाजार में गिरावट इस बार पर निर्भर करेगी कि यह संघर्ष कितने समय तक चलता है। विश्लेषकों ने यह बात कही।
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला किया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह पुष्टि की कि इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं।
भू-राजनीतिक स्थिति के अलावा, व्यापक आर्थिक आंकड़ों की घोषणा, वैश्विक बाजार के रुझान और विदेशी निवेशकों के रुख से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी। होली के अवसर पर मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बाद निवेशकों का उत्साह और भी कम हो गया है।’’
मीणा ने कहा, ”भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति, राजकोषीय संतुलन और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के लिए जोखिम पैदा करती हैं। यह बाहरी झटका बाजार के लिए एक तकनीकी रूप से कमजोर क्षण में आया है।’’
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच सोमवार को बाजार गिरावट के साथ खुल सकते हैं। निवेशक तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों और मासिक वाहन बिक्री के आंकड़ों पर भी प्रतिक्रिया देंगे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.87 प्रतिशत चढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘बाजार बहुत नकारात्मक प्रतिक्रिया देगा। यदि कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो हमारे व्यापार संतुलन और भुगतान संतुलन पर असर पड़ेगा, क्योंकि हम अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात से पूरा करते हैं।”
पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 1,527.52 अंक या 1.84 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी 392.6 अंक या 1.53 प्रतिशत टूट गया था।
भाषा पाण्डेय अजय
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