नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को शेयर बाजारों को कंपनी बॉन्ड सूचकांकों को लेकर वायदा अनुबंध शुरू करने की अनुमति दे दी। इस पहल का मकसद बॉन्ड बाजार में नकदी बढ़ाना और निवेशकों को निवेश को लेकर जोखिम से बचाव के उपाय उपलब्ध कराना है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने परिपत्र में कहा कि सूचकांक में कंपनी ऋण प्रतिभूतियां होनी चाहिए। सूचकांक में शामिल प्रतिभूतियों को लेकर जारीकर्ता के स्तर पर पर्याप्त नकदी और विविधीकरण होना चाहिए। सूचकांक में शामिल प्रतिभूतियों की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए।
इसके अलावा, निर्गम जारी करने वाले का सूचकांक में 15 प्रतिशत से अधिक भारांश नहीं होना चाहिए। सूचकांक में कम से कम आठ निर्गम जारीकर्ता होने चाहिए और जारीकर्ताओं के एक विशेष समूह का सूचकांक में 25 प्रतिशत से अधिक भारांश नहीं होना चाहिए। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, सार्वजनिक वित्तीय संस्था और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की प्रतिभूतियां शामिल नहीं हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने कहा, ‘‘नकद निपटान वायदा कंपनी बॉन्ड सूचकांक (सीबीआईएफ) अनुबंधों का मूल्य पेशकश के समय दो लाख रुपये से कम नहीं होगा।’’
शेयर बाजार तीन साल तक की अवधि के लिये अनुबंध पेश कर सकते हैं।
भाषा रमण अजय
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