नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) केंद्रीय इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने बुधवार को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 98 लाख टन तक करने की योजना की घोषणा की।
कुमारस्वामी ने मंगलवार को सेल के राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) में एक आधुनिक इस्पात निर्माण सुविधा का उद्घाटन किया और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए इस परियोजना के महत्व को रेखांकित किया।
बुधवार को जारी बयान में मंत्री ने आरएसपी की क्षमता को दोगुना करके 98 लाख टन प्रति वर्ष करने की योजना की घोषणा की।
इस यात्रा के दौरान, उन्होंने लगभग 1,100 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से निर्मित आधुनिक 10 लाख टन सालाना के स्लैब कास्टर का भी उद्घाटन किया और निर्माणाधीन कोक ओवन बैटरी और नए पेलेट संयंत्र की प्रगति का निरीक्षण किया।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 करोड़ टन इस्पात क्षमता के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है।’’
यह विस्तार रक्षा, तेल एवं गैस तथा वाहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए किया गया है।
ओडिशा के राउरकेला में स्थित, राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से लगभग 320 किलोमीटर दूर, आरएसपी को भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात संयंत्र होने का गौरव प्राप्त है। इसकी स्थापना वर्ष 1950 के दशक में जर्मन सहयोग से 10 लाख टन की शुरुआती क्षमता के साथ की गई थी।
यह संयंत्र तीन फरवरी, 1959 को चालू हुआ, जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने पहली ब्लास्ट फर्नेस पार्वती का उद्घाटन किया।
वर्तमान में, सेल की कुल इस्पात विनिर्माण क्षमता दो करोड़ तीन लाख टन प्रति वर्ष है, जिसमें आरएसपी का योगदान 44 लाख टन प्रति वर्ष है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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