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Monday, 30 March, 2026
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स्टार्टअप, एमएसएमई को स्वास्थ्य क्षेत्र में पात्रता के संदर्भ में छूट नहीं दी जा सकती: अदालत

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नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि मरीजों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और सरकारी नीतियों के तहत स्टार्टअप तथा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) को उनके अनुभव और अन्य मानदंडों के संदर्भ में स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में छूट नहीं दी जा सकती है।

एक पंजीकृत स्टार्टअप की याचिका पर अदालत ने यह टिप्पणी की।

याचिका में दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले एक अस्पताल की तरफ से हृदय विभाग के लिये स्टेंट, वॉल्व आदि की खरीद के लिये जारी निविदा की शर्तों को चुनौती दी गयी थी।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि दूसरे अस्पताल भी सामान खरीद को लेकर निविदा जारी करते हैं। उसमें स्टार्टअप और एमएसएमई के लिये कारोबार, पिछले प्रदर्शन और बोली सुरक्षा के संदर्भ में छूट दी जाती है। लेकिन मौजूदा मामले में ऐसी छूट नहीं दी गयी। यह केंद्र की स्टार्टअप नीति के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 (1) (जी) का भी उल्लंघन है।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा, हालांकि स्टार्टअप को केंद्र के साथ-साथ दिल्ली सरकार संबंधित नीतियों के जरिये बढ़ावा दे रही है। लेकिन केंद्र के परिपत्र के तहत जारी सरकारी आदेश में किसी भी प्रतिष्ठान के लिये कारोबार और पूर्व अनुभव को लेकर छूट देने को अनिवार्य नहीं किया गया है।

पीठ में न्यायाधीश सुब्रमण्यम प्रसाद भी शामिल हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिये 2016 में स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम शुरू किया। इसके अलावा समय-समय पर कई सरकारी आदेश जारी किये गये। इसमें पिछले प्रदर्शन, बोली सुरक्षा और कारोबार के संदर्भ में स्टार्टअप और छोटे उद्यमों को राहत दी गयी। इसका उद्देश्य नये उद्यमियों, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था।’’

अदालत ने कहा, ‘‘सरकारी आदेश में किसी भी प्रतिष्ठान के लिये कारोबार, पिछले अनुभव आदि के मामले में छूट को अनिवार्य नहीं बनाया गया है। 10 मार्च, 2016 को जारी परिपत्र में ‘हो सकता है’ शब्द का उपयोग किया गया है। यह सही है कि भारत सरकार और दिल्ली सरकार की नीतियां स्टार्टअप को बढ़ावा देती हैं। लेकिन कुछ क्षेत्रों खासकर स्वास्थ्य क्षेत्रों में पिछले अनुभव और अन्य मानदंडों में छूट नहीं दी जा सकती।’’

पीठ ने कहा, ‘‘मरीजों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसीलिए प्रतिवादी अस्पताल ने हालात को देखते हुए स्टार्टअप और एमएसएमई के लिये कोई छूट नहीं देकर सही किया है…।’’

भाषा

रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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