नयी दिल्ली, छह अक्टूबर (भाषा) भारतीय पोल्ट्री उपकरण विनिर्माता संघ (आईपीईएमए) ने ‘पोल्ट्री इंडिया एक्सपो’ का 17वां संस्करण 25-28 नवंबर तक हैदराबाद में आयोजित किए जाने की सोमवार को जानकारी दी।
पोल्ट्री क्षेत्र का दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा आयोजन माने जाने वाली इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में लगभग 50 देशों के 500 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है।
इस प्रदर्शनी में प्रजनन, हैचरी स्वचालन, चारा मिलिंग, आवास, पशु चिकित्सा उत्पाद और अंडा-कृषि समाधानों में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें वैश्विक ब्रांडों, नवोन्मेषकों और स्टार्टअप की भागीदारी के साथ कच्चे माल की अस्थिरता, टिकाऊपन और रोग प्रबंधन जैसी चुनौतियों के समाधानों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
इस आयोजन के दौरान एक तकनीकी संगोष्ठी में उभरती बीमारियों, टिकाऊ चारा, खाद प्रबंधन, स्वचालन और पोल्ट्री करियर विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आयोजक संस्था आईपीईएमए के अध्यक्ष उदय सिंह बयास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत का पोल्ट्री उद्योग उल्लेखनीय वृद्धि पथ पर अग्रसर है। पिछले संस्करण की बड़ी सफलता के आधार पर, हम इस वर्ष और भी ऊंचे मानक स्थापित कर रहे हैं।’’
भारत वर्ष 2023-24 में 142.77 अरब अंडों के उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक है। यह वैश्विक स्तर पर ब्रॉयलर मांस के शीर्ष चार उत्पादकों में भी शामिल है। देश में चिकन मांस का उत्पादन सालाना 8-10 प्रतिशत और अंडों का उत्पादन छह-आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
बयास ने कहा कि बढ़ती क्रय शक्ति, शहरीकरण और मजबूत निजी एवं सरकारी समर्थन के साथ यह उद्योग भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास की आधारशिला बना हुआ है।
यह एक्सपो किसानों, प्रजनकों, चारा निर्माताओं, इंटीग्रेटर्स, पशु चिकित्सकों, उद्यमियों, छात्रों और नीति निर्माताओं को नेटवर्क बनाने और सीखने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
उद्योग निकाय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को निर्बाध भागीदारी के लिए वीज़ा और यात्रा सहायता प्रदान की जाएगी।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
