नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दूसरी श्रेणी के शहरों की महिलाएं अब श्रमबल का हिस्सा बनने को लेकर काफी उत्साहित हैं। यही नहीं कामकाज के घंटों में सुविधा और बेहतर आमदनी के अवसरों के लिए कुछ हटकर भूमिकाओं में भी काम करने को तैयार हैं।
वर्ष 2022 में रोजगार और पेशेवर नेटवर्किंग मंच ‘अपना’ पर पहली और दूसरी श्रेणी के शहरों के साथ इससे आगे के शहरों की 3.1 करोड़ से अधिक पेशेवरों ने बातचीत में हिस्सा लिया। मंच पर महिला उपयोगकर्ताओं की संख्या में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘अपना’ के मंच पर नई महिला उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
इसके अनुसार, पेटीएम, जोमैटो, रैपिडो और स्विगी जैसी कंपनियां अपने कार्यबल में विविधता लाने के प्रयास में महिलाओं के लिए सबसे अधिक पदों का विज्ञापन करने वाले शीर्ष भागीदारों में से रहीं।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि पिछले वर्ष के दौरान महिला उपयोगकर्ता न केवल आवश्यकता से बाहर रोजगार की खोज में है बल्कि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की इच्छा से भी बाहर निकल रही हैं और तेजी से प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं।
अपना.कॉम के मुख्य कारोबार अधिकारी मानस सिंह ने बयान में कहा, ‘‘2022 में रात की पाली की नौकरियों के लिए 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया था।’’
हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे पहली श्रेणी के शहरों के अलावा इंदौर जैसे दूसरे स्तर के शहरों में महिलाओं की नियुक्ति के लिए विज्ञापन सालाना 28 प्रतिशत बढ़े हैं जबकि चंडीगढ़ और लखनऊ में इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एक और खास बात यह रही है कि श्रम गहन क्षेत्रों मसलन डिलिवरी, लैब टेक्निशियन, कारखाने में काम करने और ड्राइवर के रूप में नियुक्ति के लिए महिलाओं की ओर से आवेदनों में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मंच पर अस्थायी नौकरी के लिए नौकरी के लिए आवेदन 67 प्रतिशत बढ़े जबकि पूर्णकालिक या स्थायी नौकरी के लिए आवेदनों में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
भाषा रिया अजय
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