नयी दिल्ली, 28 नवंबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शेयर ब्रोकर, डिपॉजिटरी इकाई और अन्य बाजार मध्यस्थों के नियंत्रण में बदलाव को लेकर पूर्व मंजूरी लेने के लिये नियमों में संशोधन किया है।
संशोधित नियम शेयर ब्रोकर/समाशोधन सदस्य, डिपॉजिटरी इकाई, निवेश सलाहकार, शोध विश्लेषक या इकाई, शेयर स्थानांतरित करने वाले एजेंट और केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) पंजीकरण एजेंसी जैसी इकाइयों पर लागू होंगे।
नियामक ने सोमवार को एक परिपत्र में कहा कि इकाइयों के नियंत्रण में प्रस्तावित बदलाव को लेकर मंजूरी देने की प्रक्रिया को दुरुस्त करने के लिये नियम में संशोधन किये गये हैं।
एक दिसंबर से लागू होने वाले संशोधित प्रावधान के तहत सेबी की पहले से मंजूरी लेने के लिये मध्यस्थ इकाई को ‘ऑनलाइन’ आवेदन करने की जरूरत होगी। आवेदन के साथ संबंधित इकाइयों को विभिन्न ब्यौरा देने की जरूरत होगी। इसमें आवेदनकर्ता का मौजूदा और प्रस्तावित शेयरधारिता प्रतिरूप शामिल हैं।
इसमें कहा गया है, ‘‘सेबी द्वारा प्राप्त पूर्व मंजूरी छह महीने के लिये वैध होगी। इस दौरान आवेदनकर्ता को नियंत्रण में बदलाव के लिये ताजा पंजीकरण को लेकर नये सिरे से आवेदन करना होगा।’’
भाषा
रमण अजय
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