मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि 2025-26 की पहली तिमाही में सूचीबद्ध निजी गैर-वित्तीय कंपनियों (एनएफसी) की बिक्री 5.5 प्रतिशत की धीमी गति से बढ़ी। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 6.9 प्रतिशत था।
आरबीआई ने 2025-26 की पहली तिमाही के लिए निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रदर्शन पर आंकड़े जारी किए। ये आंकड़े 3,079 सूचीबद्ध निजी गैर-वित्तीय कंपनियों के संक्षिप्त तिमाही वित्तीय परिणामों से लिए गए हैं।
केंद्रीय बैंक ने कहा, ”सूचीबद्ध निजी गैर-वित्तीय कंपनियों की बिक्री 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 5.5 प्रतिशत बढ़ी, जबकि इससे पिछली तिमाही में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि (2024-25 की पहली तिमाही में 6.9 प्रतिशत) हुई थी।”
आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 1,736 सूचीबद्ध निजी विनिर्माण कंपनियों की कुल बिक्री वृद्धि दर तिमाही आधार पर 6.6 प्रतिशत से घटकर 5.3 प्रतिशत रह गई। ऐसा मुख्य रूप से पेट्रोलियम उद्योग के कमजोर प्रदर्शन के कारण हुआ।
आईटी कंपनियों की बिक्री वृद्धि दर 2025-26 की पहली तिमाही में इससे पिछली तिमाही के मुकाबले 8.6 प्रतिशत से घटकर छह प्रतिशत रह गई।
दूसरी ओर, गैर-आईटी सेवा कंपनियों की बिक्री वृद्धि दर 2025-26 की पहली तिमाही में घटकर 7.5 प्रतिशत रह गई।
आरबीआई ने आगे कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में विनिर्माण कंपनियों का कच्चे माल पर खर्च इससे पिछली तिमाही के 8.3 प्रतिशत की तुलना में 4.5 प्रतिशत की धीमी गति से बढ़ा।
भाषा पाण्डेय अजय
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