मुंबई, 11 मार्च (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बुधवार को 16 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.01 (अस्थायी) पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मजबूत होने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निकासी और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.92 पर खुला। दिन में डॉलर के मुकाबले 91.85 से 92.06 के बीच कारोबार करने के बाद 92.01 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की गिरावट है।
रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से जोरदार वापसी करते हुए 36 पैसे चढ़कर 91.85 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ कमजोर घरेलू बाजारों तथा कच्चे तेल की कीमतों में रातोंरात आई तेजी से रुपये में गिरावट आई है। वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा और विदेशी निवेशकों की निकासी रुपये पर दबाव डालना जारी रख सकती है। बाजार पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे।’’
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 91.70 से 92.40 की सीमा में रहने का अनुमान है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.96 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 1,342.27 अंक टूटकर 76,863.71 अंक पर जबकि निफ्टी 394.75 अंक फिसलकर 23,866.85 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 5.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.58 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका अजय
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