नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) अडाणी समूह की कंपनियों के लिये बृहस्पतिवार को नई समस्या सामने आई। वित्तीय सूचकांक प्रदान करने वाली एमएससीआई ने कहा कि वह समूह की कंपनियों की कुछ प्रतिभूतियों को ‘फ्री फ्लोट’ का दर्जा देने की समीक्षा कर रही है।
एमएससीआई (मोर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल) के अनुसार ‘फ्री फ्लोट’ का मतलब है बाजार में सभी हिस्सेदारों के पास उपलब्ध शेयर के अनुपात में कितने शेयर बाजार में वैश्विक निवेशकों की खरीद के लिये उपलब्ध हैं।
सूचकांक प्रदान करने वाली कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसे ‘एमएससीआई ग्लोबल इन्वेस्टेबल मार्केट इंडेक्स’ के लिये अडानी समूह से जुड़ी विशिष्ट प्रतिभूतियों की पात्रता और ‘फ्री फ्लोट’ निर्धारण के संबंध में कई बाजार प्रतिभागियों से प्रतिक्रिया मिली है।
बयान के अनुसार, ‘‘एमएससीआई ने निर्धारित किया है कि कुछ निवेशकों के स्तर पर पर्याप्त अनिश्चितता है कि उन्हें अब हमारे मानदंडों के अनुसार ‘फ्री फ्लोट’ के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए। इन सबको देखते हुए अडानी समूह की प्रतिभूतियों की ‘फ्री फ्लोट’ समीक्षा शुरू की गयी है।’’
फिलहाल अडाणी समूह की और संबद्ध आठ कंपनियां हैं, जो एमएससीआई मानक सूचकांक का हिस्सा है।
लगातार दो दिन चढ़ने के बाद अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में बृहस्पतिवार को गिरावट आई। एमससीआई की समीक्षा की खबर के बाद समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब 11 प्रतिशत नीचे आ गया।
समूह की 10 कंपनियों में नौ के शेयर नुकसान में बंद हुए। जबकि बीएसई सेंसेक्स 142 अंक चढ़ा है।
अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट जारी है।
रिपोर्ट में अडाणी समूह पर बाजार में कथित गड़बड़ी करने और लेखा धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। हालांकि अडाणी समूह ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
भाषा
रमण अजय
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